मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के प्रभाव और कार्यान्वयन का आकलन किया
जम्मू, 16 अप्रैल (हि.स.)। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने आज जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के कार्यान्यन की स्थिति का आकलन करने के लिए एक बैठक बुलाई और केंद्र शासित प्रदेश में इसकी पहुंच और प्रभाव को बढ़ाने के लिए एक व्यापक रणनीति की रूपरेखा तैयार की।
इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त सचिव; रोजगार और कौशल विकास विभागों के सचिव; कौशल विकास मिशन के निदेशक और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
भारत सरकार के कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में पीएमआईएस के निदेशक ने वीडियो लिंक के माध्यम से बैठक में भाग लिया।
मुख्य सचिव ने प्रतिष्ठित कंपनियों में संरचित इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करके युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार लाने में इस योजना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट 2024-25 के तहत शुरू की गई पीएमआईएस योजना 6 से 9 महीने की इंटर्नशिप प्रदान करती है जिसमें 9,000 का मासिक वजीफा और 6,000 का एकमुश्त अनुदान शामिल है जिससे युवाओं को मूल्यवान उद्योग अनुभव प्राप्त करने में मदद मिलती है।
प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जम्मू और कश्मीर में पंजीकरण के मामले में उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली है जिसमें पोर्टल पर 4,400 से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है और अब तक 2,800 से अधिक प्रोफाइल पूरी हो चुकी हैं। हालांकि पंजीकरण के मामले में जम्मू-कश्मीर शीर्ष राज्यों में शुमार होने के बावजूद केंद्र शासित प्रदेश में वर्तमान में केवल 68 इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

