सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने अनंतनाग में पीएम विश्वकर्मा क्षमता निर्माण कार्यक्रम का किया आयोजन

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श्रीनगर, 30 सितंबर (हि.स.)।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने अपने क्षेत्रीय कार्यालय श्रीनगर स्थित एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय के माध्यम से अनंतनाग में पारंपरिक कारीगरों की व्यावसायिक क्षमताओं, बाजार पहुंच और उद्यमशीलता क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से ब्रांडिंग और विपणन पर जिला स्तरीय पीएम विश्वकर्मा क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अनंतनाग के उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम में सहायक निदेशक, सहील अलाक़बंद अनंतनाग स्थित डीआईसी की महाप्रबंधक नाज़िया हसन और लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) मोहम्मद शफी भट के अलावा अधिकारी, हितधारक और पीएम विश्वकर्मा योजना के बड़ी संख्या में लाभार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में लगभग 200 कारीगरों और प्रतिभागियों ने भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने क्षमता निर्माण कार्यक्रम के आयोजन के लिए श्रीनगर स्थित लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के प्रयासों की सराहना की और जमीनी स्तर पर भारत सरकार की योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने उद्यमिता, आजीविका और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई योजनाएं शुरू की हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया कि इन योजनाओं का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक कुशल और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

निदेशक ने पारंपरिक शिल्पों को बढ़ावा देने और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि कारीगर अपने पारंपरिक कौशल को टिकाऊ और लाभदायक व्यावसायिक उद्यमों में बदल सकें। उन्होंने कृषि क्षेत्र के बदलते परिदृश्य पर भी प्रकाश डाला और कहा कि कई युवा उच्च घनत्व वाले बाग, नियंत्रित वातावरण में खेती और भंडारण और मशरूम की खेती जैसी आधुनिक और उन्नत गतिविधियों को अपना रहे हैं जिससे आय सृजन और उद्यमिता के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

अपने मुख्य भाषण में श्रीनगर स्थित लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के सहायक निदेशक ने जम्मू और कश्मीर में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत हासिल की गई प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दिए गए समर्थन और सहयोग ने योजना के प्रभावी कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने सभा को सूचित किया कि जिले में योजना के तहत लगभग 93 प्रतिशत प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 85 प्रतिशत टूलकिट लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि अब ध्यान पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगरों को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, प्रभावी ब्रांडिंग और डिजिटल भुगतान विधियों को अपनाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करने में सक्षम बनाने पर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पेशेवर ब्रांडिंग और बेहतर उत्पाद प्रस्तुति से पारंपरिक कारीगर अपने उत्पादों की विपणन क्षमता बढ़ा सकते हैं और व्यापक बाजारों तक पहुंच सकते हैं।

इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के संकाय सदस्य अदनान अली खान ने ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। एसएलपीयू टीम के प्रतिनिधि ने एआई के उभरते अनुप्रयोगों और पारंपरिक कारीगरों और छोटे व्यवसायों के लिए उनकी संभावित प्रासंगिकता पर एक प्रस्तुति दी। इस सत्र में प्रतिभागियों को व्यावसायिक गतिविधियों, विपणन, सामग्री निर्माण और उत्पादकता बढ़ाने के लिए एआई-सक्षम उपकरणों के उपयोग से परिचित कराया गया।

लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने विभिन्न ऋण सुविधाओं और सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से कारीगरों और उद्यमियों को सहायता प्रदान करने में बैंकों द्वारा निभाई जा रही भूमिका के बारे में विस्तार से बताया।

जम्मू और कश्मीर बैंक के एक प्रतिनिधि ने कारीगरों और उद्यमियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर एक प्रस्तुति दी जिसमें उनके लाभ और पात्रता मानदंडों पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को अपनी आजीविका को मजबूत करने और अधिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा सहायता प्राप्त करने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के प्रतिनिधियों ने क्यूआर कोड निर्माण और डिजिटल भुगतान पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें व्यावसायिक लेनदेन के लिए सुविधाजनक डिजिटल भुगतान सुविधाओं को अपनाने के लाभों को समझाया गया। आईपीपीबी और जम्मू-कश्मीर बैंक ने भी कार्यक्रम स्थल पर विशेष स्टॉल लगाए, जहां पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को क्यूआर कोड जनरेशन के लिए मौके पर ही सहायता प्रदान की गई।

इस कार्यक्रम ने पीएम विश्वकर्मा लाभार्थियों को ब्रांडिंग, मार्केटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वित्तीय सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और डिजिटल व्यापार उपकरणों के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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