उपराज्यपाल सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के वन्यजीव बोर्ड की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की
श्रीनगर, 04 मई (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को श्रीनगर के लोक भवन में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के वन्यजीव बोर्ड की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की। बोर्ड ने प्रमुख संरक्षण और विकास संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और बारामूला के गुलमर्ग वन्यजीव अभ्यारण्य में आशा-चीमा-गुरदालिगाली-अफ्रावत-सरसों-अनीता सड़क के निर्माण को मंजूरी दी। अब इस प्रस्ताव को वन्यजीव मंजूरी के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एससीएनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति को भेजा जाएगा।
बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने विकासात्मक आवश्यकताओं और पारिस्थितिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर की अनूठी जैव विविधता की रक्षा और उसे मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बोर्ड को केंद्र शासित प्रदेश में वन्यजीव संसाधनों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए विभाग द्वारा की गई विभिन्न पहलों से भी अवगत कराया गया। बैठक में जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण एवं जनजातीय मामलों के विभागों के मंत्री जावेद अहमद राणा, विधानसभा सदस्य डॉ. देवेंद्र कुमार मन्याल और मियां मेहर अली, मुख्य सचिव अटल दुल्लू, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ. मनदीप के. भंडारी, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग की आयुक्त सचिव शीतल नंदा; प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख सर्वेश राय उपस्थित थे। जम्मू-कश्मीर के मुख्य वन्यजीव वार्डन और पीसीसीएफ चतुर्भुजा बेहरा, प्रख्यात संरक्षणवादियों, पारिस्थितिकीविदों, पर्यावरणविदों, सेना के प्रतिनिधियों, वन्यजीव क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों और बोर्ड के अन्य सदस्यों के साथ बैठक में उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

