विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने राष्ट्रीय कांग्रेस को 'विशेष दर्जा' के दावे को साबित करने की दी चुनौती
जम्मू, 21 फ़रवरी (हि.स.)। विपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा ने शनिवार को सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) पर भ्रामक संवैधानिक शब्दावली से लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया और सरकार को जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष दर्जा के दावों को साबित करने की चुनौती दी।
श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी में भाजपा के मेगा जॉइनिंग प्रोग्राम में बोलते हुए शर्मा ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में सरकार को खुले तौर पर चुनौती दी थी कि वह दिखाए कि संविधान में विशेष दर्जा शब्द का उल्लेख कहाँ है जिस तरह से इसे पेश किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि अनुच्छेद 370 इतिहास बन चुका है और कहा कि इसे बहाल करने की कोई संभावना नहीं है। 2024 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए शर्मा ने आरोप लगाया कि एनसी ने अनुच्छेद 370 को बहाल करने के नाम पर वोट मांगे थे लेकिन बाद में कहा कि उसे केंद्र में भाजपा से समर्थन की उम्मीद नहीं है।
उन्होंने कहा, लोगों को यह पूछना चाहिए कि विशेष दर्जा शब्द के तहत वास्तव में क्या वादा किया जा रहा है, और कहा कि संवैधानिक स्थिति को राजनीतिक नारों से नहीं बदला जा सकता। विपक्ष के नेता ने राष्ट्रीय राष्ट्रीय पार्टी के नेतृत्व पर वर्षों से विरोधाभासी रुख अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि एक ओर तो वह सार्वजनिक रूप से भाजपा की आलोचना करता है, वहीं दूसरी ओर अतीत में राजनीतिक रूप से उसके साथ गठबंधन कर चुका है।
शर्मा ने आगे कहा कि अब जनता विधानसभा की कार्यवाही पर कड़ी नजर रख रही है और विधानसभा की बहसों तक डिजिटल पहुंच के कारण पारदर्शिता बढ़ी है। अपने संबोधन में उन्होंने रोजगार और बिजली संबंधी प्रतिबद्धताओं को लेकर सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि कई वादों के लिए अधिक स्पष्टता और जवाबदेही की आवश्यकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवैधानिक और शासन संबंधी मुद्दों को जमीनी स्तर पर उठाने का आग्रह किया और कहा कि भाजपा विधानसभा के अंदर और बाहर सरकार से सवाल करती रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

