उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने एक नई खेल नीति को दी मंजूरी

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लेह, 01 अगस्त (हि.स.)। लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने शनिवार को एक नई खेल नीति को मंजूरी दी। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी ढांचा बताया जिसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और केंद्र शासित प्रदेश को एक जीवंत और आत्मनिर्भर खेल केंद्र में बदलना है। पहली बार इस खेल नीति में खिलाड़ियों को स्कूल, जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करने हेतु नकद प्रोत्साहन और मासिक छात्रवृत्ति का प्रावधान किया गया है।

सक्सेना ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि खोजें, सुविधा प्रदान करें और पहचानें के आदर्श वाक्य से प्रेरित लद्दाख खेल नीति 2026 का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को वित्तीय बाधाओं के बिना खेल को एक व्यवहार्य करियर के रूप में अपनाने में सक्षम बनाना है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'खेलो इंडिया' जैसी पहलों के माध्यम से खेलों को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि नीति की मुख्य विशेषता लद्दाख के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रस्तुत करना है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विद्यालय खेल और खेलो इंडिया खेल सहित मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पदक जीतने की तारीख से 12 महीने तक मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह छात्रवृत्ति खिलाड़ियों को पौष्टिक आहार या खेल उपकरणों पर होने वाले खर्च की चिंता किए बिना उच्च स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगी।

इस ढांचे के तहत अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेताओं को 1 लाख रुपये प्रति माह, राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेताओं को 75,000 रुपये प्रति माह और राज्य स्तरीय स्वर्ण पदक विजेताओं को 10,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। इसके अलावा रजत और कांस्य पदक विजेताओं को 12 महीने की अवधि के लिए आनुपातिक छात्रवृत्ति दी जाएगी। नीति यह सुनिश्चित करती है कि लाभार्थी एथलीट जैसे-जैसे उच्च स्तर पर प्रगति करते हैं उनकी छात्रवृत्ति भी तदनुसार बढ़ाई जाए। उदाहरण के लिए राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने पर 10,000 रुपये प्रति माह प्राप्त करने वाला खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने पर उच्च छात्रवृत्ति के लिए पात्र हो जाएगा।

प्रवक्ता ने बताया कि पदक छात्रवृत्ति पदक जीतने की तारीख से 12 महीने के लिए दी जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि यदि कोई खिलाड़ी उच्च स्तर के लिए अर्हता प्राप्त करता है तो छात्रवृत्ति स्वतः ही एक नए वर्ष के लिए उच्च छात्रवृत्ति के अनुसार उस महीने से बढ़ा दी जाएगी जिस महीने वह वर्तमान छात्रवृत्ति अवधि के दौरान अर्हता प्राप्त करता है। ऐसे मामले में खिलाड़ी को पहले से दी गई कम छात्रवृत्ति राशि वापस नहीं ली जाएगी।

प्रवक्ता ने बताया कि इस नीति में मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, राज्य और विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वालों को 5 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का एकमुश्त नकद प्रोत्साहन भी दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रोत्साहन राशि मासिक छात्रवृत्ति के अतिरिक्त दी जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि इस नीति में लद्दाख के उन पर्वतारोहियों के लिए एकमुश्त 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार भी शामिल है जो विश्व में कहीं भी 8,000 मीटर से अधिक ऊँची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करते हैं।

इसके अलावा प्रवक्ता ने बताया कि नई नीति में पैरालंपिक खेलों, पैरा एशियाई खेलों, पैरा राष्ट्रमंडल खेलों, राष्ट्रीय पैरा खेल चैंपियनशिप और दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित और विशेष ओलंपिक एथलीटों के लिए आयोजित प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों के लिए विशेष नकद पुरस्कारों का भी प्रावधान है। प्रवक्ता ने बताया कि सक्सेना के नेतृत्व में दो महीने से अधिक समय तक सभी हितधारकों के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद इस नीति को अंतिम रूप दिया गया है। हाल के महीनों में कई खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने सक्सेना से मुलाकात की और वित्तीय बाधाओं के कारण आगे की तैयारियों और प्रशिक्षण के खर्चों को वहन करने में असमर्थता व्यक्त की। प्रवक्ता ने बताया कि इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को एक व्यापक खेल नीति तैयार करने का निर्देश दिया जिसके तहत पदक विजेताओं को स्वतः ही पुरस्कार मिलना शुरू हो जाए। प्रवक्ता ने बताया कि लद्दाख खेल नीति 2026 हमारे युवाओं के लिए एक जीवंत खेल संस्कृति और खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए संस्थागत सहायता प्रणाली के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है। उपराज्यपाल ने कहा कि यह नीति न केवल जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने का प्रयास करती है बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि उन्हें निरंतर वित्तीय सहायता, संस्थागत समर्थन और अपने खेल करियर के हर चरण में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रेरणा मिलती रहे। उन्होंने कहा कि लद्दाख के किसी भी खिलाड़ी द्वारा जीता गया प्रत्येक पदक पूरे देश के लिए गर्व का विषय है इसलिए यह प्रशासन का कर्तव्य है कि वह हमारे प्रतिभाशाली युवाओं का समर्थन करे ताकि खिलाड़ियों और उनके परिवारों को खर्चों की चिंता न करनी पड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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