उपराज्यपाल सिन्हा केसर आर्ट सर्कल के स्वर्ण जयंती समारोह में हुए शामिल
जम्मू, 12 जनवरी (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कला केंद्र जम्मू में केसर आर्ट सर्कल के स्वर्ण जयंती समारोह में बोलते हुए कहा, “आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से लेकर रचनात्मक क्षितिज तक जम्मू कश्मीर को कला केंद्र के रूप में पुनर्जीवित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस प्रयास में मैं जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के कलात्मक भविष्य के निर्माण में चित्रकारों और लेखकों के योगदान की आशा करता हूं।”
समारोह में उपराज्यपाल ने प्रसिद्ध चित्रकार और केसर आर्ट सर्कल के संस्थापक भूषण केसर को सम्मानित किया। उन्होंने भूषण केसर के असाधारण योगदान की सराहना की जिन्होंने हजारों कलाकारों को पोषित और प्रशिक्षित किया है जिन्होंने उनके मार्गदर्शन में वैश्विक स्तर पर असाधारण सफलता प्राप्त की है और महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि हमारी पवित्र विरासत का संरक्षण भविष्य के निर्माण की नींव है। उपराज्यपाल ने कहा, “जम्मू कश्मीर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आत्मा को वैश्विक कला केंद्र में बदलना एक साझा जिम्मेदारी है। मेरा मानना है कि कला विविध संस्कृतियों को जोड़ने और हमारी प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने का एक सेतु है।”
उपराज्यपाल ने समाज की अंतरात्मा के रूप में कलाकारों, विचारकों, चित्रकारों और मूर्तिकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला जो लोकतंत्र और राष्ट्र के विकास पथ में जनभागीदारी को प्रेरित करते हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि चित्रकला और मूर्तिकला जैसी कलाएँ मात्र मनोरंजन और विलासिता नहीं हैं बल्कि वे जीवंत शक्तियाँ हैं जो समाज के चिंतन और प्रगति को निर्धारित करती हैं। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता के इतिहास में कला ने भाषा से परे भावनाओं को अभिव्यक्ति दी है जिससे सहानुभूति और सामाजिक एकता को बढ़ावा मिला है। उन्होंने युवा पीढ़ी से सकारात्मक परिवर्तन के लिए कला की शक्ति का उपयोग करने का आह्वान किया।
उपराज्यपाल ने आगे कहा, “कला समाज के लिए दर्पण और मार्गदर्शक दोनों है। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के लिए कला को एक माध्यम के रूप में अपनाना चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि वे विकसित भारत की परिकल्पना में योगदान देते हुए अपनी जड़ों से जुड़े रहें।” इस अवसर पर उपराज्यपाल ने एक चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभिन्न कलाकारों को सम्मानित भी किया। पद्म श्री डॉ. एस.पी. वर्मा; संस्कृति के प्रधान सचिव बृज मोहन शर्मा; आईजीएनसीए की क्षेत्रीय निदेशक श्रुति अवस्थी; अभिलेखागार निदेशक के.के. सिद्धा; जेकेएएसीएल की सचिव हरविंदर कौर; कला केंद्र जम्मू के सचिव डॉ. जावेद राही, वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख कलाकार और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

