जम्मू कश्मीर के युवाओं को विकसित भारत का ग्रोथ इंजन बनना होगा: मनोज सिन्हा

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श्रीनगर, 02 अगस्त (हि.स.)।

जम्मू-कश्मीर के युवाओं को विकसित भारत की मुख्य ताकत बताते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में ड्रग्स या ड्रग तस्करों के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ लड़ाई में सख़्त कार्रवाई के साथ-साथ पुनर्वास और लोगों की सक्रिय भागीदारी भी ज़रूरी है।

एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय के श्रीनगर शालीमार कन्वेंशन सेंटर में 'नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत करते हुए जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल तरीके से किया था सिन्हा ने कहा कि भारत की युवा आबादी को नशे की लत का शिकार होने के बजाय देश की सबसे बड़ी ताकत के रूप में उभरना चाहिए।

सिन्हा ने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम उम्र की है। हमारे युवाओं को विकसित भारत बनाने के हर प्रयास में साझीदार बनना चाहिए। आज मैं जम्मू-कश्मीर के युवाओं में मज़बूत संकल्प देखता हूँ। वे हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और हम सब मिलकर एक ऐसा जम्मू-कश्मीर बनाएंगे जहाँ ड्रग्स या ड्रग तस्करों के लिए कोई जगह न हो।

प्रधानमंत्री द्वारा 2020 में शुरू किए गए नशा मुक्त भारत अभियान का ज़िक्र करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि इस नए अभियान का मकसद देश के युवाओं को नशे की लत से दूर रखकर उन्हें 'विकसित भारत' का ग्रोथ इंजन बनाना है। 11 अप्रैल से 20 जुलाई तक चले जम्मू-कश्मीर के 'नशा मुक्त अभियान' की उपलब्धियों पर बात करते हुए सिन्हा ने बताया कि इस अभियान के दौरान लगभग 2,300 एफआईआर दर्ज की गईं, करीब 2,600 लोगों को गिरफ़्तार किया गया और लगभग 1,500 किलोग्राम नशीले पदार्थ ज़ब्त किए गए।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने नार्को-टेररिस्ट और ड्रग स्मगलरों की 331 से ज़्यादा संपत्तियां ज़ब्त की हैं जबकि पुलिस और सिविल प्रशासन ने 200 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्तियां अटैच की हैं।

उपराज्यपाल ने कहा कि 370 से ज़्यादा ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए गए और 750 से ज़्यादा गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया गया। ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े होने के शक वाले लोगों के 3,000 से ज़्यादा आधार कार्ड रद्द करने की भी सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करों और नार्को-टेरर इकोसिस्टम के खिलाफ हमारी नीति बहुत सख्त है। ड्रग्स के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है जिसमें सरकारी सुविधाओं, लाइसेंस या सुरक्षा कवर का फायदा उठाने वाले लोग भी शामिल हैं।

इस बात पर ज़ोर देते हुए कि ड्रग्स की लत के शिकार लोगों को सिर्फ़ अपराधी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए सिन्हा ने कहा कि वे इलाज, काउंसलिंग और रिहैबिलिटेशन के हकदार हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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