केपी वॉलंटियर्स कश्मीरी पंडित समुदाय का अनमोल रत्न: उपराज्यपाल

WhatsApp Channel Join Now
केपी वॉलंटियर्स कश्मीरी पंडित समुदाय का अनमोल रत्न: उपराज्यपाल


श्रीनगर, 16 अगस्त (हि.स.)।

उपराज्यपाल ने केपी वॉलंटियर्स के स्थापना दिवस पर

निस्वार्थ सेवा के लिए स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केपी वॉलंटियर्स इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि जब सेवा निस्वार्थ होती है तो वह एक दीपक से दूसरे दीपक तक प्रकाश फैलाने की तरह निरंतर बढ़ती रहती है। केपी वॉलंटियर्स कश्मीरी पंडित समुदाय का अनमोल रत्न है।

सिन्हा ने कहा कि केपी वॉलंटियर्स फाउंडेशन के हर आंकड़े और उपलब्धि के पीछे एक इंसान और एक ऐसा जीवन है जिसे सहायता का स्पर्श मिला है।

उपराज्यपाल ने मानवीय संगठन केपी वॉलंटियर्स के स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की और समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा के लिए इसके स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने जरूरतमंदों की सेवा, करुणा, कर्तव्य और मानवता के मूल्यों को कायम रखने में संगठन के साढ़े छह वर्षों के अथक कार्य की सराहना की।

उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची सेवा बिना किसी प्रतिफल की अपेक्षा के अपने कर्तव्य का पालन करने में निहित है। उन्होंने कहा कि केपी वॉलंटियर्स इस भावना का उदाहरण हैं जिन्होंने कभी प्रसिद्धि या धन की लालसा नहीं की बल्कि सेवा को एक पवित्र कर्तव्य के रूप में अपनाया।

उपराज्यपाल ने याद दिलाया कि कैसे इस संगठन की शुरुआत अप्रैल 2020 में कोविड-19 महामारी के चरम पर स्वामी नंद बाबा साहिब के जम्मू आश्रम द्वारा दान किए गए चावल के एक बोरे से हुई थी जिसने निस्वार्थ सेवा की क्रांति का बीज बोया। उन्होंने कहा कि तब से केपी वॉलंटियर्स जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में मानवीय सेवा के लिए एक विश्वसनीय मंच के रूप में विकसित हुआ है।

मुझे गर्व है कि आपने दूसरों के कल्याण को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत बनाया है। मैंने आपके संगठन द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियानों की उपलब्धियों को देखा है और मैं कह सकता हूं कि ये आंकड़े आपकी निस्वार्थ सेवा के व्यापक प्रभाव की कहानी बयां करते हैं।

उपराज्यपाल ने

संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि परिवार दत्तक ग्रहण कार्यक्रम के तहत 164 परिवारों को राशन, दवाइयों और शिक्षा के लिए मासिक सहायता मिल रही है और आपातकालीन सहायता कार्यक्रम के माध्यम से कई परिवारों को संकट के समय में सहायता प्रदान की गई है जिसमें सर्जरी और ऋण राहत शामिल है। यह भी बताया गया कि महामारी के दौरान लगभग 10,000 ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श प्रदान किए गए और 6,500 से अधिक आपातकालीन रक्तदान की सुविधा प्रदान की गई। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

उन्होंने कहा कि ये केवल उपलब्धियां नहीं हैं बल्कि करुणा और सेवा की यात्रा में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं।

उन्होंने विश्व भर में संगठन के 411 सक्रिय स्वयंसेवकों को कश्मीरी पंडित समुदाय के अनमोल रत्न बताया और गरीबी, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए उनकी संख्या बढ़ाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी के कल्याण का सबसे शक्तिशाली साधन है। बच्चों को ज्ञान और शिक्षा से सशक्त बनाना हमारे द्वारा उन्हें दिया जाने वाला सबसे उत्तम उपहार सिद्ध होगा। करुणा और सेवा का विस्तार करने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि वित्तीय बाधाएँ विभिन्न पहलों में रुकावट न बनें, विश्व भर में बसे कश्मीरी पंडित समुदाय के साथ-साथ भारतीय प्रवासी समुदाय की क्षमता का उपयोग करने की तत्काल आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय ने राष्ट्र निर्माण, शिक्षा, दर्शन और संस्कृति में अद्वितीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक कश्मीरी पंडित समुदाय ने अपने योगदान से समाज की सेवा की है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

Share this story