कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा : उपराज्यपाल सिन्हा

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श्रीनगर, 01 नवंबर (हि.स.)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान के साथ उनकी मातृभूमि पर वापसी इस क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और मानवीय मूल्यों को बहाल करने की दिशा में एक प्रतिबद्धता है।

श्रीनगर के ज़ेवान में ट्रांजिट आवास फ्लैटों का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि कश्मीरी पंडित परिवारों की सम्मानजनक वापसी, कश्मीर की ऐतिहासिक विरासत को बहाल करने और मानवीय गरिमा को पुनः स्थापित करने की दिशा में एक प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि कश्मीर की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सुंदरता तभी पूर्ण होगी जब कश्मीरी पंडित परिवार अपनी मातृभूमि में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ रह सकेंगे।

प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत आवास पाने वाले परिवारों का जिक्र करते हुए सिन्हा ने कहा कि हर फ्लैट के पीछे एक परिवार है और हर परिवार के पीछे संघर्ष, धैर्य, इंतजार और उम्मीद की एक लंबी कहानी है। उपराज्यपाल ने ज़ेवान में 936 फ्लैटों का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने बडगाम के कंकरमल और कुपवाड़ा के तोहम बाग में दो अन्य आवासीय परिसरों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस तरह कुल 1,416 फ्लैटों का उद्घाटन किया गया।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत 10 जिलों के 20 स्थानों पर 342 आवासीय ब्लॉकों के माध्यम से 6,000 फ्लैटों का निर्माण किया जाना है। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 5,200 फ्लैट बनकर तैयार हो चुके हैं जिनमें से करीब 3,800 फ्लैट पीएम पैकेज के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को आवंटित किए जा चुके हैं। सिन्हा ने बताया कि इस परियोजना को शुरुआत में 920 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ मंजूरी दी गई थी जिसे बाद में संशोधित करके 1,325 करोड़ रुपये कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि 2014 की बाढ़ के कारण इस परियोजना के काम में देरी हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया वादा अब ज़मीनी स्तर पर साकार होने लगा है।

आवासीय परिसरों के उचित रखरखाव पर ज़ोर देते हुए उपराज्यपाल ने नियमित जलापूर्ति, निर्बाध बिजली, पर्याप्त सुरक्षा और कचरा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी निवासी को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि उद्घाटन के तुरंत बाद प्रशासन का ध्यान उन पर से हट गया है। सिन्हा ने 'पीएम पैकेज' के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को यह भी भरोसा दिलाया कि जो लोग अपना घर खुद बनाना चाहते हैं उन्हें प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने उन परिवारों को बधाई दी, जिन्हें अपने नए घर मिल गए हैं और उम्मीद जताई कि ये आवास उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन परिवेश प्रदान करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

Livevns.news Desk
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