नशीली दवाओं के खिलाफ 100 दिन का अभियान तो बस शुरुआत है, नार्को-टेरर के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी: उपराज्यपाल

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श्रीनगर, 21 जुलाई (हि.स.)।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर की नशीली दवाओं और नार्को-टेरर के खिलाफ लड़ाई एक निर्णायक चरण में पहुंच गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 100 दिन का 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' एक लंबे समय तक चलने वाले मिशन की सिर्फ शुरुआत थी और नशीली दवाओं के तस्करों को चेतावनी दी कि उन्हें कानून के तहत सबसे सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यहां शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में 100 दिन के अभियान के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने यह बातें कहीं।

उन्होंने राजौरी, पुंछ और डोडा जिलों में हाल ही में आई अचानक बाढ़ में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देकर अपने संबोधन की शुरुआत की। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति की समीक्षा की है और प्रभावित परिवारों को भारत सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि नागरिक प्रशासन, पुलिस और अन्य एजेंसियां लोगों की मुश्किलें कम करने और समय पर राहत सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं। साथ ही पीड़ितों की याद में दो मिनट का मौन भी रखा गया।

नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान की बात करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि 100 दिन का अभियान तो बस शुरुआत है। हमारी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। आगे का रास्ता लंबा और चुनौतीपूर्ण है और हमें और अधिक संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार साल पहले 'नशा मुक्त भारत अभियान' शुरू किया था जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस देशव्यापी अभियान को मजबूत करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नशीली दवाओं के खिलाफ प्रयासों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस वर्षों से नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है लेकिन नशीली दवाओं की लत का शिकार हो रहे युवाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन को पूरे केंद्र शासित प्रदेश में एक केंद्रित 100-दिवसीय अभियान शुरू करना पड़ा। इस अभियान की कामयाबियों का ज़िक्र करते हुए सिन्हा ने बताया कि अधिकारियों ने 20,292 एफआईआर दर्ज कीं, ड्रग्स के 92 नेटवर्क तोड़े, ड्रग्स के 4,474 हॉटस्पॉट की पहचान की और नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़ी 188.9 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की। उन्होंने कहा कि ड्रग्स तस्करों के ख़िलाफ़ पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत सख़्त कार्रवाई भी शुरू की गई। ड्रग्स से जुड़े अपराधों के मामलों में 884 ड्राइविंग लाइसेंस और 687 गाड़ी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को सस्पेंड या रद्द करने, 64 पासपोर्ट ज़ब्त करने, आठ हथियारों के लाइसेंस सस्पेंड करने और योग्य मामलों में सुरक्षा कवर हटाने की सिफ़ारिशें की गईं।

लेफ़्टिनेंट गवर्नर ने लोगों से अपील की कि वे ड्रग्स बेचने वालों के बारे में पुलिस को जानकारी देकर इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करें। यह दोहराते हुए कि आने वाले महीनों में यह अभियान और तेज़ी से जारी रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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