कुपवाड़ा में रेवेन्यू रिकॉर्ड में धोखाधड़ी के लिए पूर्व पटवारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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श्रीनगर, 08 जुलाई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग कश्मीर ने कुपवाड़ा ज़िले में पैतृक ज़मीन पर धोखाधड़ी से मालिकाना हक का दावा करने के लिए सरकारी रेवेन्यू रिकॉर्ड में हेराफेरी और जालसाज़ी के कथित मामले में तत्कालीन पटवारी के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की है। यह पटवारी अभी नायब तहसीलदार के तौर पर काम कर रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धाराओं 167, 417, 466 और 468 के तहत दर्ज प्राथमिकी नंबर 33/2021 में कुपवाड़ा के सब-जज/ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत में बाबापोरा हैहामा, कुपवाड़ा के रहने वाले लियाकत अली खान के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई है। अपराध के समय वे पटवारी के तौर पर काम कर रहे थे और अभी नायब तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। यह मामला एक शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसने हलका हैहामा/गुंडी सना में स्थित संयुक्त मालिकाना हक वाली पैतृक ज़मीन को धोखाधड़ी के ज़रिए अपने और अपने भाई के नाम ट्रांसफर करने के लिए सरकारी रेवेन्यू रिकॉर्ड में हेराफेरी की थी।

जांच के दौरान इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने पाया कि उसने कथित तौर पर अपने आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल किया। उसने खसरा गिरदावरी रजिस्टर में झूठी एंट्री कीं असली रिकॉर्ड के पन्ने बदले और विवादित पैतृक संपत्ति पर मालिकाना हक और कब्ज़ा दिखाने के लिए नकली रेवेन्यू दस्तावेज़ तैयार किए। अधिकारियों ने बताया कि ज़मीन का ग़लत तरीके से मालिकाना हक़ हासिल करने की कथित कोशिश आख़िरकार नाकाम रही, क्योंकि राजस्व विभाग ने समय रहते गड़बड़ियों का पता लगा लिया और सुधारात्मक कदम उठाए जिससे धोखाधड़ी से होने वाला ट्रांसफर रुक गया।

हालांकि, जांच में यह पाया गया कि आरपीसी की संबंधित धाराओं के तहत अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद थे, जिसके बाद न्यायिक कार्यवाही के लिए सक्षम अदालत में चार्जशीट पेश की गई। इस बीच, इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने लोगों से आर्थिक धोखाधड़ी और दस्तावेजों से जुड़े अपराधों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है और नागरिकों को सलाह दी है कि वे ऐसी घटनाओं की सूचना सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस, ईओडब्ल्यू कश्मीर, क्राइम ब्रांच जम्मू कश्मीर को दे। वित्तीय या आर्थिक धोखाधड़ी के पीड़ितों को भी आधिकारिक ईमेल सुविधा के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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