वेद ज्ञान ही मोक्ष का मार्ग-स्वामी राम स्वरूप जी का प्रेरक उपदेश

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वेद ज्ञान ही मोक्ष का मार्ग-स्वामी राम स्वरूप जी का प्रेरक उपदेश


कठुआ, 09 जून (हि.स.)। वेद मन्दिर योल में चल रहे 78 दिवसीय चारों वेदों के यज्ञानुष्ठान के 59वें दिन स्वामी राम स्वरूप जी योगाचार्य ने जिज्ञासुओं को अथर्ववेद मंत्र 9/10/15 का गूढ़ अर्थ समझाते हुए कहा कि परमात्मा ने मनुष्य को वेदों के रूप में पूर्ण ज्ञान प्रदान किया है और मनुष्य का मुख्य कर्तव्य है कि वह वेदज्ञ विद्वानों की शरण लेकर इस दिव्य ज्ञान को प्राप्त करे।

उन्होंने बताया कि मनुष्य माया के प्रभाव काम, क्रोध, लोभ आदि विकारों में फंसकर अपने वास्तविक स्वरूप अर्थात् चेतन जीवात्मा को भूल चुका है जिसके कारण वह जन्म-मरण और दुःखों के चक्र में उलझा हुआ है।

स्वामी जी ने कहा कि जब तक मनुष्य वेद ज्ञान को नहीं अपनाता, तब तक वह आत्मज्ञान और परमात्मा की प्राप्ति नहीं कर सकता। उन्होंने जिज्ञासुओं से आह्वान किया कि वे वैदिक सत्संग के माध्यम से सही मार्ग को अपनाएं और वेद वाणी के अनुसार जीवन जीकर मोक्ष की ओर अग्रसर हों। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

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