कठुआ का न्यू बस स्टैंड बदहाली का शिकार, एंट्री फीस वसूली जारी, व्यवस्था नदारद

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कठुआ का न्यू बस स्टैंड बदहाली का शिकार, एंट्री फीस वसूली जारी, व्यवस्था नदारद


कठुआ, 29 अक्टूबर (हि.स.)। कठुआ का न्यू बस स्टैंड इन दिनों बदहाल व्यवस्था की तस्वीर पेश कर रहा है। बस स्टैंड परिसर में बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी सड़कें, जर्जर इमारतें, झाड़ियों से घिरा क्षेत्र और बस चालकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव नगर परिषद कठुआ की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस बस स्टैंड से हर पांच मिनट में जम्मू के लिए बस रवाना होती है और कठुआ, बिलावर, बसोहली, बनी सहित पंजाब की ओर जाने वाली बसें भी गुजरती हैं, वहां यात्रियों और चालकों की सुविधाओं को लेकर व्यवस्था बेहद कमजोर नजर आती है।

बस चालकों का कहना है कि कठुआ में प्रवेश करने पर नगर परिषद की ओर से उनसे एंट्री फीस वसूली जाती है जबकि बस स्टैंड भी नगर परिषद के अधीन है। इसके बावजूद पूरे परिसर में सड़क पर तारकोल तक नजर नहीं आता। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण बसों को निकालना चालकों के लिए चुनौती बन गया है। बसें इन गड्ढों में हिचकोले खाती हैं जिससे वाहनों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब शुल्क वसूला जा रहा है तो उसके अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा।

दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली बसों के चालकों के लिए रात को ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं है। चालकों के अनुसार रात्रि विश्राम के लिए भवन तो बनाया गया है लेकिन वहां नगर परिषद के कर्मचारी रहते हैं। ऐसे में चालकों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। रात के समय बसें खड़ी करने, चालकों के आराम और बुनियादी सुविधाओं के लिए उचित प्रबंध नहीं होने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

बस स्टैंड के पीछे जम्मू स्मार्ट सिटी की इलेक्ट्रिक बसों के लिए बनाया गया चार्जिंग प्वाइंट भी बदहाल परिसर से अछूता नहीं है। आसपास की गंदगी, गड्ढों और अव्यवस्थित जगह के बीच आधुनिक परिवहन व्यवस्था का संचालन कई सवाल खड़े करता है। एक ओर इलेक्ट्रिक बसों जैसी आधुनिक सुविधा विकसित की जा रही है वहीं दूसरी ओर उसके आसपास बुनियादी ढांचे की हालत सुधारने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिखाई देता।

बताया जाता है कि न्यू बस स्टैंड का क्षेत्रफल इतना है कि यहां करीब 500 बसें खड़ी हो सकती हैं लेकिन पूरे परिसर का व्यवस्थित उपयोग नहीं हो रहा। बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण लोगों ने बीच-बीच से रास्ते बना लिए हैं और आसपास की बस्तियों में आने-जाने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। इससे बसों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। परिसर के आसपास खड़े बड़े वाहनों और पुरानी, जर्जर इमारतों के कारण भी अव्यवस्था बढ़ रही है। झाड़ियों की सफाई और परिसर के उचित रखरखाव की जरूरत साफ दिखाई देती है।

गौरतलब है कि पहले कठुआ का बस स्टैंड पुरानी जगह पर था लेकिन बसों की संख्या और आकार बढ़ने के कारण उसे वहां से करीब 500 मीटर दूर खुले क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया था। उम्मीद थी कि नए स्थान पर यात्रियों और बस चालकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी लेकिन मौजूदा हालात में यह परिसर बस स्टैंड से अधिक अव्यवस्थित मैदान नजर आता है। यहां बसों के खड़े होने के लिए समतल और पक्की सड़क तक उपलब्ध नहीं है।

बस चालकों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद कठुआ से मांग की है कि बस स्टैंड की सड़कों को पक्का किया जाए, गड्ढों को भरवाया जाए, आसपास खड़े अनुपयोगी और बड़े वाहनों को व्यवस्थित किया जाए तथा झाड़ियों और जर्जर ढांचों की सफाई करवाई जाए। साथ ही बाउंड्री वॉल का निर्माण, चालकों के लिए अलग रात्रि विश्राम व्यवस्था और परिसर की दुकानों का आवंटन बस स्टैंड से संबंधित कार्य करने वालों को नियमों के अनुसार करने की मांग भी उठाई गई है। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और नगर परिषद कठुआ इस बदहाली को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाएंगे या फिर बस चालकों को इसी तरह गड्ढों, अव्यवस्था और सुविधाओं के अभाव के बीच बसें चलाने और खड़ी करने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा? एंट्री फीस वसूलने वाली व्यवस्था के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं और रखरखाव की जवाबदेही भी सुनिश्चित करना जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

Livevns.news Desk
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