15 जून को मनाई जाएगी ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या, श्राद्ध-तर्पण और दान-पुण्य का विशेष महत्व

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15 जून को मनाई जाएगी ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या, श्राद्ध-तर्पण और दान-पुण्य का विशेष महत्व


15 जून को मनाई जाएगी ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या, श्राद्ध-तर्पण और दान-पुण्य का विशेष महत्व


जम्मू, 10 जून (हि.स.)। जम्मू में श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि ज्येष्ठ अधिकमास की सोमवती अमावस्या इस वर्ष विशेष धार्मिक महत्व के साथ मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अमावस्या तिथि 14 जून को दोपहर 12:20 बजे प्रारंभ होकर 15 जून को सुबह 8:34 बजे समाप्त होगी। सूर्योदय व्यापिनी अमावस्या 15 जून सोमवार को होने के कारण इसी दिन व्रत, स्नान, दान और जप-तप का विशेष महत्व रहेगा।

महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि पितरों की शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्राद्ध, तर्पण एवं पिंडदान जैसे कार्य 14 जून को दोपहर 12:20 बजे के बाद किए जा सकते हैं जबकि स्नान, दान, जप-तप और धार्मिक अनुष्ठान 15 जून को सुबह 8:34 बजे से पहले करना अत्यंत शुभ रहेगा।

उन्होंने कहा कि अमावस्या के दिन तीर्थस्थलों और पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। यदि तीर्थ स्नान संभव न हो तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करने से भी पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस दिन जरूरतमंदों को दान देने तथा पितरों के निमित्त तिल, दूध, मिठाई और अन्य वस्तुओं का दान करने से विशेष लाभ मिलता है। महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि पीपल वृक्ष के नीचे जल, गंगाजल, काले तिल, चावल और पुष्प अर्पित कर ‘ॐ पितृभ्यः नमः’ मंत्र का जाप करने से पितृ दोषों से मुक्ति मिलती है। वहीं भगवान सूर्य को तांबे के पात्र से अर्घ्य देने और भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अमावस्या के दिन तामसिक भोजन, नशे और अन्य अनुचित कार्यों से दूर रहने की अपील की। साथ ही कहा कि राशि अनुसार दान करने से ग्रहों की शुभता बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।

महंत रोहित शास्त्री के अनुसार मेष राशि के जातकों को मूंगफली और काले चने, वृष राशि वालों को सफेद वस्त्र एवं दूध, मिथुन और कन्या राशि वालों को हरी वस्तुएं, कर्क राशि वालों को चावल एवं घी, सिंह राशि वालों को तांबा और गुड़, तुला राशि वालों को सफेद वस्त्र, वृश्चिक राशि वालों को लाल वस्त्र, धनु राशि वालों को पीली वस्तुएं, मकर और कुंभ राशि वालों को तिल एवं तेल तथा मीन राशि वालों को हल्दी, शहद और पीली वस्तुओं का दान करना शुभ रहेगा। उन्होंने कहा कि सोमवती अमावस्या पर श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए दान-पुण्य, जप-तप और पितृ कर्मों से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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