जम्मू-कश्मीर पुलिस परिषद प्रतिनिधिमंडल ने वित्त आयुक्त और अतिरिक्त मुख्य सचिव से मुलाकात की, प्रमुख मुद्दों का समाधान किया
श्रीनगर, 01 अप्रैल (हि.स.)।
जम्मू और कश्मीर ठेकेदार समन्वय समिति (जेकेसीसी) के अध्यक्ष गुलाम जीलानी पुर्ज़ा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में वित्तीय आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव) शैलेंद्र कुमार के साथ एक विस्तृत और सौहार्दपूर्ण बैठक की जिसमें जम्मू और कश्मीर भर के ठेकेदार समुदाय के सामने मौजूद विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। सकारात्मक और सकारात्मक माहौल में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित चिंताओं का समाधान करना और जम्मू और कश्मीर भर में विकास कार्यों का सुचारू रूप से निष्पादन सुनिश्चित करना था।
जेकेसीसी प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न स्तरों पर लंबित भुगतानों की रिलीज में देरी के संबंध में चिंता व्यक्त की। मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए वित्तीय आयुक्त शैलेंद्र कुमार ने संबंधित विभागों को मौके पर ही निर्देश जारी किए जिसमें उन्हें ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत कार्य-पूर्ति बिलों की स्वीकृति और प्रसंस्करण में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
जेकेसीसीसी के अध्यक्ष जीलानी पुर्ज़ा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हम वित्त आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव) शैलेंद्र कुमार के त्वरित और निर्णायक हस्तक्षेप के लिए उनके हार्दिक आभारी हैं। लंबित बिलों के निपटान के लिए उनके तत्काल निर्देशों से ठेकेदार समुदाय को बहुत राहत मिली है।
प्रतिनिधिमंडल ने वित्त विभाग द्वारा जारी हालिया आदेश पर भी चर्चा की जिसमें कार्य बिलों की स्वीकृति से पहले भूविज्ञान एवं खनन विभाग से रॉयल्टी रसीदें प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। वित्त आयुक्त ने स्पष्ट किया कि चालू वित्त वर्ष के लिए छूट दी गई है। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आगामी वित्त वर्ष से इसका कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। ठेकेदारों को बिल जमा करने से पहले प्रारंभिक चरण में जीएसटी बिल और कच्चे माल की रॉयल्टी रसीदों सहित सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

