विधानसभा में आरक्षित दो दिनों में से पहले दिन पेश किया जाना है 33 प्रस्तावित विधेयक

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जम्मू, 30 मार्च (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सोमवार को निजी सदस्य विधेयकों के लिए निर्धारित दो दिनों में से पहले दिन कुल 33 प्रस्तावित विधेयकों को पेश किया जाना है। हालांकि, इन सभी विधेयकों के बीच सबसे ज्यादा ध्यान नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विधायक तनवीर सादिक द्वारा पेश किए जाने वाले विधेयक पर केंद्रित है।

यह विधेयक सूची में क्रमांक 12 पर रखा गया है और इसमें वर्तमान किरायेदारों के पट्टों के विस्तार की मांग की गई है। खासतौर पर गुलमर्ग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होटल मालिकों के पट्टों की समाप्ति के मुद्दे के चलते इस प्रस्ताव का महत्व और बढ़ गया है। ऐसे में सरकार इस विधेयक पर क्या रुख अपनाती है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

विधेयक का मुख्य उद्देश्य जम्मू और कश्मीर भूमि अनुदान नियम, 2022 के प्रभाव को समाप्त करना है। इन नियमों को उपराज्यपाल के नेतृत्व वाली सरकार ने लागू किया था, जिनके तहत अधिकांश पट्टों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। नियमों के अनुसार, मौजूदा या समाप्त हो चुके अधिकांश पट्टों को रद्द मानते हुए उन्हें दोबारा नवीनीकरण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इन प्रावधानों के तहत संबंधित जमीनों को नए सिरे से नीलामी के जरिए आवंटित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, आवासीय पट्टों को कुछ हद तक इस नियम से अलग रखा गया है।

गौरतलब है कि निजी सदस्य विधेयक आमतौर पर सदन में पारित नहीं होते हैं। विधेयक पारित करने की प्रमुख शक्ति सरकार के पास होती है। विपक्षी या सत्तापक्ष के अन्य विधायकों द्वारा लाए गए ऐसे विधेयक अक्सर किसी मुद्दे को उजागर करने या सरकार का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रस्तुत किए जाते हैं।

इस बीच, विधानसभा में पेश किए जाने वाले अन्य निजी विधेयकों का या तो सरकार द्वारा विरोध किया जा सकता है या फिर संबंधित सदस्यों द्वारा उन्हें वापस लिया जा सकता है। ऐसे में आज का दिन मुख्य रूप से चर्चा और राजनीतिक संदेश देने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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