डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान देश के इतिहास में एक अहम अध्याय है: तरुण चुग
श्रीनगर, 23 जून (हि.स.)। भाजपा के वरिष्ठ नेता, नेशनल जनरल सेक्रेटरी व सांसद तरुण चुघ ने मंगलवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनकी 125वीं जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान तरुण चुघ ने मुखर्जी को एक ऐसा नेता बताया जिनका जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकारों के लिए दिया गया बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
एक सभा को संबोधित करते हुए चुघ ने कहा कि 23 जून डॉ. मुखर्जी के बलिदान का दिन है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों के साथ पूरी तरह से जोड़ने की वकालत करने में उनकी भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का योगदान देश के इतिहास में एक अहम अध्याय है।
भाजपा नेता ने भारत सरकार से डॉ. मुखर्जी की गिरफ्तारी और हिरासत से जुड़े आर्काइवल रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने का आग्रह किया। उन्होंने सवाल किया कि डॉ. मुखर्जी को किन कानूनी नियमों के तहत गिरफ्तार किया गया था, उन्हें किन हालात में हिरासत में लिया गया था और उनके मेडिकल रिकॉर्ड और जांच कमेटी की रिपोर्ट जनता के सामने क्यों नहीं लाई गई। चुघ ने कहा कि देश उनकी मौत से जुड़ी घटनाओं के बारे में जवाब का हकदार है।
1947 में जम्मू-कश्मीर पर कबायली हमले की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए चुघ ने आरोप लगाया कि इस हमले को पाकिस्तान का समर्थन था और इसकी वजह से स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर तकलीफ हुई। उन्होंने कहा कि हज़ारों आम लोग मारे गए, घर लूटे गए, महिलाओं पर ज़ुल्म हुए और पूजा की जगहों पर हमले हुए। उन्होंने उन घटनाओं से जुड़े ऐतिहासिक रिकॉर्ड और सरकारी डॉक्यूमेंट्स को सार्वजनिक करने की मांग की ताकि आने वाली पीढ़ियां इस दुखद घटना के पैमाने को समझ सकें।
अपनी बात खत्म करते हुए अंत में तरुण चुघ ने युवाओं से ड्रग्स के गलत इस्तेमाल से दूर रहने और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को दूध, घी और लस्सी जैसे पौष्टिक आहार का सेवन करने को कहा।
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

