अमित शर्मा ने अनंतनाग में जनगणना-2027 के कामकाज की समीक्षा की

WhatsApp Channel Join Now
अमित शर्मा ने अनंतनाग में जनगणना-2027 के कामकाज की समीक्षा की


अनंतनाग, 15 जून (हि.स.)। जिलों की समीक्षा के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी (सीपीसीओ) और जनगणना संचालन निदेशक (डी सीओ) अमित शर्मा ने आज अनंतनाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में एमएचए, भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय के उप महानिदेशक बिस्वजीत दास भी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य जिले में जनगणना 2027 के तहत चल रहे हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन्स की प्रगति का आकलन करना था।

बैठक में अनंतनाग के प्रधान जनगणना अधिकारी (उपायुक्त) डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट, डीसीओ जेके के संयुक्त निदेशक अरुण कुमार, डीसीओ जेके के सहायक निदेशक विजय कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त (जिला जनगणना अधिकारी) विकास अहलावत, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी और जनगणना प्रक्रिया से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी भी शामिल हुए।

अपनी अध्यक्षता वाली टिप्पणी में अमित शर्मा ने जनगणना डेटा को न केवल कश्मीर घाटी बल्कि पूरे देश के भविष्य के विकास और समृद्धि का आधार बताया।

प्रगति की समीक्षा करते हुए अमित शर्मा ने अनंतनाग जिले की तैयारियों की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है जो आने वाले वर्षों में योजना बनाने, संसाधनों के आवंटन और सामाजिक-आर्थिक विकास का आधार बनती है। उन्होंने अनंतनाग को जेके के सबसे पुराने जिलों में से एक बताया जिसकी अपनी शानदार विरासत है और जो प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है।

अमित शर्मा ने डेटा कलेक्शन के दौरान सटीकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया और गणना करने वालों (एन्यूमरेटर) और पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि हर एंट्री सही ढंग से दर्ज की जाए और उसकी अच्छी तरह से जांच की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-छोटी गलतियां या अवधारणाओं को लेकर गलतफहमियां भी जनगणना डेटा की गुणवत्ता पर बुरा असर डाल सकती हैं और भविष्य की नीति-निर्माण को प्रभावित कर सकती हैं।

शर्मा ने चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि पर्यवेक्षक नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करें और रैंडम गुणवत्ता जांच करें, साथ ही निगरानी तेज करने और जनगणना दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि घरों की जानकारी की पुष्टि की जाए और प्रवासी आबादी, वन क्षेत्रों तथा अन्य विशेष श्रेणियों को भी शामिल किया जाए ताकि गिनती की प्रक्रिया में कोई भी घर या व्यक्ति छूट न जाए।

चूंकि यह ज़िला प्रवासी और मौसमी आबादी के लिए एक खास जगह है इसलिए चल रही जनगणना प्रक्रिया के दौरान उन्हें पूरी तरह से शामिल करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

Share this story