जम्मू-कश्मीर में मेगा आधार एमबीयू अभियान 2.0 शुरू

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जम्मू, 23 मार्च (हि.स.)। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने जम्मू-कश्मीर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और जम्मू-कश्मीर के स्कूल शिक्षा विभाग की परियोजना समग्र शिक्षा के सहयोग से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में मेगा आधार अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट अभियान 2.0 शुरू किया है।

यह अभियान शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों में 23 मार्च, 2026 से शुरू हो गया है जबकि ग्रीष्मकालीन क्षेत्रों के स्कूलों में यह 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगा। इस व्यापक पहल का उद्देश्य 2,382 चिन्हित स्कूलों को शामिल करना और जम्मू-कश्मीर के 2 लाख से अधिक छात्रों को स्कूल परिसर में ही आधार बायोमेट्रिक अपडेट सेवाएं प्रदान करना है।

यह पहल सितंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलाए गए पिछले एमबीयू अभियान की सफलता पर आधारित है जिसके दौरान लगभग 1.5 लाख छात्रों ने सफलतापूर्वक अपने बायोमेट्रिक्स अपडेट किए थे। इस प्रगति के बावजूद, लगभग 3.5 लाख बच्चों को अभी भी अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट की आवश्यकता है जिसके कारण मिशन मोड दृष्टिकोण को जारी रखना आवश्यक है।

इससे पहले यूआईडीएआई ने सितंबर 2025 में स्कूली बच्चों के लिए मिशन मोड एमबीयू अभियान शुरू किया था जो केंद्रीय विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के एकीकृत जिला सूचना प्रणाली प्लस (यूडीआईएसई+) एप्लिकेशन के साथ सफल तकनीकी एकीकरण के बाद किया गया था। इस एकीकरण से विद्यालय स्तर पर छात्रों के बायोमेट्रिक अपडेट की स्थिति की वास्तविक समय में जानकारी प्राप्त करना संभव हुआ जिससे अपडेट की आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान करना और विद्यालय परिसर में लक्षित शिविर आयोजित करना आसान हो गया।

बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक विवरण अपडेट करना विभिन्न सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और सेवाओं के तहत लाभ प्राप्त करते समय निर्बाध प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह नीट, जे ईई और सीयूईटी जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाओं के लिए परेशानी मुक्त पंजीकरण सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यूआईडीएआई और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग जम्मू-कश्मीर ने अभिभावकों और संरक्षकों से अपने-अपने विद्यालयों में आधार अपडेट शिविरों की निर्धारित तिथियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए विद्यालय अधिकारियों के साथ निकट समन्वय बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्हें यह भी सलाह दी जाती है कि प्रमाणीकरण करते समय किसी भी प्रकार की विसंगति से बचने के लिए यह सुनिश्चित करें कि स्कूल रिकॉर्ड और आधार कार्ड में दी गई जानकारी बिल्कुल मेल खाती हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / SONIA LALOTRA

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