शैक्षणिक संस्थान केवल अकादमिक उत्कृष्टता के केंद्र नहीं हैं बल्कि वे नर्सरी हैं जहाँ चरित्र, नेतृत्व और समाज के भविष्य का निर्माण होता है : सतीश शर्मा

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शैक्षणिक संस्थान केवल अकादमिक उत्कृष्टता के केंद्र नहीं हैं बल्कि वे नर्सरी हैं जहाँ चरित्र, नेतृत्व और समाज के भविष्य का निर्माण होता है : सतीश शर्मा


जम्मू, 24 मई (हि.स.)। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, सूचना प्रौद्योगिकी, परिवहन, युवा सेवा एवं खेल तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सतीश शर्मा ने आज एक मजबूत और नशामुक्त जम्मू-कश्मीर के निर्माण हेतु युवा सशक्तिकरण, स्वस्थ जीवनशैली, खेल संस्कृति और सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

वे नार्डी-बाला स्थित जेएनवी जम्मू-II में वार्षिक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालय समुदाय के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री ने जिम्मेदार नागरिक बनाने और युवाओं में अनुशासन, दृढ़ता और नेतृत्व के मूल्यों को पोषित करने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर बल दिया।

छात्रों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई देते हुए सतीश शर्मा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल अकादमिक उत्कृष्टता के केंद्र नहीं हैं बल्कि वे नर्सरी हैं जहाँ चरित्र, नेतृत्व और समाज के भविष्य का निर्माण होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची सफलता पुरस्कारों और सम्मान से परे है और दृढ़ता, कड़ी मेहनत और ईमानदारी जैसे मूल्यों में निहित है।

अपने व्यक्तिगत जीवन और मूल्यों के बारे में बात करते हुए मंत्री ने अनुशासन, त्याग और दृढ़ता के उन पाठों पर प्रकाश डाला जो उन्होंने अपनी जड़ों से सीखे थे। उन्होंने कहा कि सफलता की सबसे मजबूत नींव अक्सर समर्पण और प्रयास से चुपचाप ही बनती है।

युवा पीढ़ी को संबोधित करते हुए सतीश शर्मा ने स्वस्थ जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला और छात्रों से पौष्टिक और प्राकृतिक भोजन की आदतें अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं में प्रसंस्कृत और अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की और स्वस्थ जीवन शैली से पुनः जुड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा, “एक मजबूत राष्ट्र स्वस्थ नागरिकों पर बनता है। स्वास्थ्य और जीवन शैली के संबंध में आज युवा जो विकल्प चुनते हैं, वही हमारे समाज की भविष्य की शक्ति निर्धारित करेंगे। मंत्री ने जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में स्काउट्स, गाइड्स और युवा विकास पहलों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अनुशासन, टीम वर्क और प्रतिबद्धता जैसे मूल्य जो इन मंचों के माध्यम से विकसित होते हैं युवा मन को भविष्य में नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए तैयार करने में सहायक होते हैं।

नशीली दवाओं के दुरुपयोग की बढ़ती चुनौती पर चिंता व्यक्त करते हुए सतीश शर्मा ने नशीली दवाओं के खतरे से निपटने के लिए खेल और युवा भागीदारी को शक्तिशाली उपकरण के रूप में दृढ़ता से समर्थन दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं में अनुशासन, एकाग्रता और उद्देश्य की भावना पैदा करते हैं और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक मजबूत ढाल बन सकते हैं।

खेल के मैदान, कक्षाएँ और रचनात्मक स्थान हमारे युवाओं के लिए प्रेरणा के केंद्र बनने चाहिए। खेलों में भाग लेने वाला बच्चा सहनशीलता, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का महत्व सीखता है।

मंत्री ने जम्मू और कश्मीर में खेलों और रचनात्मक गतिविधियों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए सतीश शर्मा ने उन्हें उत्कृष्टता के लिए प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया और दूसरों को भी दृढ़ संकल्पित रहने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं और स्कूल के कर्मचारियों, अभिभावकों और छात्रों ने भाग लिया। ---------------

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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