खेलों के माध्यम से हर नागरिक का जुड़ाव होता है और मजबूत चरित्र निर्माण की प्रेरणा मिलती है: उपराज्यपाल

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गुलमर्ग, 23 फ़रवरी (हि.स.)।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों (केआईडब्ल्यूजी) को जम्मू-कश्मीर की पहचान का प्रतिबिंब बताते हुए कहा कि खेल हर नागरिक को जोड़ते हैं और मजबूत चरित्र और अनुशासन के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं।

उत्तरी कश्मीर में केआईडब्ल्यूजी-2026 के छठे संस्करण के एक समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि खेल जम्मू-कश्मीर की पहचान और राष्ट्रीय एकता की भावना को दर्शाते हैं।

यह एक सुखद संयोग है कि शीतकालीन वांचित महोत्सव 22 फरवरी को समाप्त हुआ और आज हम यहां खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों का शुभारंभ कर रहे हैं। यह महज एक आयोजन नहीं, बल्कि खेलों में जम्मू और कश्मीर की पहचान, राष्ट्रीय एकता और खेलों की रचनात्मक शक्ति, विशेष रूप से हमारे युवाओं के लिए, का प्रतिबिंब है।

इस अवसर पर उपस्थित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, प्रबंधकों और खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए उपराज्यपाल सिन्हा ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि सभी के सहयोग से धीरे-धीरे एक राष्ट्रीय उत्सव में परिवर्तित हो रहा है।”

पिछले कुछ वर्षों में खेल क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय के महत्वपूर्ण सहयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू और कश्मीर ने उल्लेखनीय विकास देखा है।

उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया केंद्रों के विस्तार ने क्षेत्र में खेल अवसंरचना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने खेलों के सफल आयोजन के लिए जम्मू-कश्मीर के युवाओं के समर्पण और प्रतिभा के साथ-साथ अधिकारियों के अथक प्रयासों को श्रेय दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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