मुंबई और अमृतसर समेत कई शहरों में नए आवास बनाएगी जम्मू-कश्मीर सरकार
जम्मू, 02 मार्च (हि.स.)। जम्मू और कश्मीर सरकार ने अधिकारियों और निवासियों के लिए आवास सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मुंबई, अमृतसर और चंडीगढ़ सहित कई प्रमुख शहरों में नए आवासों के निर्माण का प्रस्ताव रखते हुए व्यापक विस्तार अभियान शुरू किया है। अतिरिक्त आवासों का निर्माण वैधानिक स्वीकृतियों, विस्तृत परियोजना रिपोर्टों को अंतिम रूप देने और कार्यकारी एजेंसियों की मंजूरी के अधीन चरणबद्ध तरीके से पूरा होने की उम्मीद है।
आवास और प्रोटोकॉल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच संपत्तियों का विभाजन किया गया था। इनमें दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य स्थानों पर निगमों, कर्मचारियों और संपत्तियों का विभाजन शामिल है। इसके बाद नई दिल्ली, मुंबई, अमृतसर और चंडीगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित अपनी भूमि संपत्तियों पर आवास अवसंरचना बढ़ाने का इरादा है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई और पंजाब के अमृतसर में सात परियोजनाओं के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 36.61 करोड़ रुपये (संशोधित अनुमान) आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रमुख आवंटनों में द्वारका के लिए 20.90 करोड़ रुपये, चंडीगढ़ के लिए 6.40 करोड़ रुपये, अमृतसर के लिए 2.50 करोड़ रुपये और मुंबई के लिए 1.25 करोड़ रुपये शामिल हैं। मुंबई में नवी मुंबई के खारघर स्थित जम्मू-कश्मीर भवन के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है, जबकि अमृतसर में उपलब्ध खाली जमीन पर अतिरिक्त संरचनाओं के निर्माण पर विचार किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ में मौजूदा एससीओ भवन को जम्मू-कश्मीर हाउस में बदलने का काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में 5 पृथ्वीराज रोड स्थित जम्मू-कश्मीर हाउस में मौजूदा संरचना के पुनर्विकास और उन्नयन की परियोजना चल रही है और रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) का मसौदा तैयार करने का काम उन्नत चरण में है। मुख्य भवन एक विरासत संरचना होने के कारण इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है और किसी भी नए निर्माण की ऊंचाई मानदंडों के अनुसार इससे अधिक नहीं हो सकती है।
अधिकारियों ने बताया कि औपचारिक मंजूरी के लिए आवेदन करने के बाद चाहरदीवारी के नौ मीटर के दायरे में मौजूद अन्य मौजूदा संरचनाओं को ध्वस्त करना होगा। उन्होंने कहा कि इस मामले को कार्यकारी एजेंसियों के साथ उठाया जा रहा है ताकि परिसर में पर्याप्त आवास की आवश्यकता और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सर्वोत्तम संभव कार्यान्वयन मॉडल तैयार किए जा सकें। इसी तरह चाणक्यपुरी स्थित जम्मू-कश्मीर हाउस में स्थान की कमी के कारण नया निर्माण संभव नहीं हैं, लेकिन यहां पुनर्विकास और उन्नयन कार्य किया जा चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि राजाजी मार्ग स्थित कश्मीर हाउस के लिए निर्धारित ऊंचाई और ज़ोनिंग मानदंडों के भीतर पुनर्विकास की अनुमति है। कर्मचारियों के आवास का पुनर्निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और काम शुरू हो चुका है। इसी तरह द्वारका (दिल्ली) में अधिग्रहित भूमि पर एक नए जम्मू और कश्मीर हाउस के निर्माण का प्रस्ताव है। विभिन्न कार्यान्वयन मॉडलों की जांच की जा रही है और एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

