जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने आतंकवादी संबंधों पर पुलिसकर्मी की बर्खास्तगी को बरकरार रखा, एकल न्यायाधीश के फैसले को रद्द कर दिया

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श्रीनगर, 31 मई(हि.स.)। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने आतंकवादियों के साथ संबंध रखने और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपी एक पुलिस कांस्टेबल की बर्खास्तगी को बरकरार रखा है और एकल न्यायाधीश के 2011 के फैसले को रद्द कर दिया है जिसने सेवा से उसकी बर्खास्तगी को रद्द कर दिया था। न्यायमूर्ति संजीव कुमार और न्यायमूर्ति संजय परिहार की खंडपीठ ने जम्मू-कश्मीर राज्य और अन्य बनाम गुलाम मोहम्मद तांत्रे (एलपीएडब्ल्यू संख्या 268/2011) में जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा दायर अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि अधिकारियों ने राज्य की सुरक्षा के हित में जम्मू-कश्मीर के पूर्ववर्ती संविधान की धारा 126(2)(सी) को सही ढंग से लागू किया था। सरकार का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता मोहसिन एस कादरी ने किया। फैसले के अनुसार 1991 में पुलिस विभाग में शामिल हुए गुलाम मोहम्मद तांत्रे को 2004 में राष्ट्र-विरोधी और आतंकवादी-संबंधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पुलिस स्टेशन जदीबल, श्रीनगर में दर्ज एफआईआर संख्या 06/2004 के संबंध में गिरफ्तार किया गया था।

हालाँकि शुरू में उनके खिलाफ एक विभागीय जांच शुरू की गई थी लेकिन बाद में सरकार ने राज्य सुरक्षा से संबंधित चिंताओं का हवाला देते हुए जांच बंद कर दी और उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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