हाईकोर्ट ने छह सप्ताह की देरी पर पीएसए डिटेंशन ऑर्डर किया रद्द
जम्मू,, 15 सितंबर (हि.स.)।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने करीब डेढ़ महीने की प्रशासनिक देरी को आधार बनाते हुए पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत जारी एक निरोध आदेश को रद्द कर दिया है। जस्टिस संजय धर की पीठ ने कहा कि निवारक हिरासत के मामलों में तत्कालता, निकटता और आवश्यकता का बना रहना जरूरी है।
कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार एसएसपी रामबन ने 2 जनवरी 2026 को निवारक हिरासत की सिफारिश की थी और जिला मजिस्ट्रेट को डिटेंशन डोजियर 3 जनवरी को प्राप्त हुआ लेकिन आदेश 17 फरवरी 2026 को जारी किया गया। हाईकोर्ट ने कहा कि इस देरी का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया जिससे कथित गतिविधियों और हिरासत की आवश्यकता के बीच “लाइव एंड प्रॉक्सिमेट लिंक” कमजोर हो गया। कोर्ट ने प्रशासनिक सुस्ती को निवारक हिरासत को जारी रखने का आधार मानने से इनकार करते हुए डिटेंशन आदेश रद्द कर दिया और निर्देश दिया कि संबंधित व्यक्ति को तत्काल रिहा किया जाए, बशर्ते वह किसी अन्य मामले में हिरासत के लिए आवश्यक न हो।
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हिन्दुस्थान समाचार / अश्वनी गुप्ता

