राजौरी में ऐतिहासिक 'लाह वाली बावली' के जीर्णोद्धार के लिए 5.78 करोड़ रुपये मंज़ूर

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श्रीनगर, 11 अगस्त (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने राजौरी में ऐतिहासिक 'लाह वाली बावली' के पूरी तरह से जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए 5.78 करोड़ मंज़ूर किए हैं। इस प्रोजेक्ट में ऐतिहासिक बावली और उससे जुड़ी आर्किटेक्चरल विशेषताओं को बहाल करने पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही इसकी मूल सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक महत्व को भी बनाए रखा जाएगा।

सरकार के मुताबिक इस पहल का मकसद इस जगह की टूरिज्म वैल्यू को बढ़ाना और इसे पर्यटकों के लिए एक हेरिटेज आकर्षण के तौर पर विकसित करना भी है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और राजौरी की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को भी बढ़ावा मिलेगा। यह मंज़ूरी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में चलाए जा रहे सरकार के व्यापक हेरिटेज संरक्षण कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका मकसद पूरे जम्मू-कश्मीर में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण जगहों को बहाल करना और उनमें नई जान डालना है।

हाल के महीनों में सरकार ने जम्मू और कश्मीर दोनों डिवीज़नों में हेरिटेज साइट्स के संरक्षण के लिए कई प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है। इनमें डोडा के भद्रवाह में रतन गढ़ किले की मरम्मत और नवीनीकरण, ज़ियारत शरीफ खिरम का जीर्णोद्धार और नवीनीकरण, बिजबेहारा में थाजीवाड़ा के ऐतिहासिक शिव मंदिर की मरम्मत और नवीनीकरण, और सांबा में पुरमंडल की ऐतिहासिक हेरिटेज साइट का जीर्णोद्धार और पुनरुद्धार शामिल हैं।सरकार से अनुमोदित अन्य पहलों में श्रीनगर में इमामबाड़ा जदीबल का संरक्षण और उन्नयन, पुलवामा के यारवान में खू साहिब के पवित्र झरने का विकास, शोपियां में ऐतिहासिक जामिया मस्जिद शरीफ का जीर्णोद्धार और रामबन में प्रतिष्ठित सर्वधर चौमंडा माता मंदिर का जीर्णोद्धार शामिल है।

सरकार का विरासत संरक्षण कार्यक्रम क्षेत्र की व्यापक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास रणनीति में ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण स्थलों को एकीकृत करते हुए जम्मू और कश्मीर की वास्तुकला विरासत और सांस्कृतिक विविधता की रक्षा करना चाहता है। लाह वली बाउली के जीर्णोद्धार से ऐतिहासिक स्थल को एक नई पहचान मिलने और विरासत स्थल के रूप में इसकी अपील में सुधार होने की उम्मीद है। इस परियोजना से स्थानीय पर्यटन को समर्थन मिलने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए क्षेत्र की विविध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों को मजबूत करने की भी संभावना हैl

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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

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