संभागीय आयुक्त ने श्रीनगर में ज्ञान भारतम कार्यशाला और राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण का उद्घाटन किया

WhatsApp Channel Join Now

श्रीनगर, 23 मार्च हि.स.। कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने आज श्रीनगर के सनत नगर स्थित इंडियन आईआईआईएम में तीन दिवसीय ज्ञान भारतम कार्यशाला और राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण का उद्घाटन किया।

यह कार्यशाला जम्मू-कश्मीर के अभिलेखागार, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा जम्मू-कश्मीर में सदियों पुरानी पांडुलिपियों की पहचान, संरक्षण, संवर्धन और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की जा रही है।

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए संभागीय आयुक्त ने पांडुलिपि विरासत की सुरक्षा में जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मिशन संरक्षकों तक पहुंचने और मूल्यवान पांडुलिपियों के दस्तावेजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए हर घर दस्तक दृष्टिकोण अपनाता है।

इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन भारत की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और दस्तावेजीकृत करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

निदेशक कुलदीप कृष्ण सिद्धा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य जिला स्तरीय समितियों को पांडुलिपि पहचान के प्रति संवेदनशील बनाना और प्रशिक्षित करना है, साथ ही क्षेत्र सर्वेक्षण के लिए ज्ञान भारतम मिशन मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यापक ज्ञान पारिस्थितिकी तंत्र के हिस्से के रूप में पांडुलिपि संरक्षण और डिजिटलीकरण के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना भी है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ज्ञान भारतम ऐप का उपयोग प्रगति की निगरानी के लिए किया जा रहा है जिसकी नियमित समीक्षा पीएमओ स्तर पर की जाती है।

सिद्धा ने बताया कि पांडुलिपियां उनके संरक्षकों के पास ही रहेंगी जबकि विशेषज्ञ उनकी प्रकृति, श्रेणी और भौतिक स्थिति का आकलन करने में सहायता करेंगे। उन्होंने कहा, विभाग नि:शुल्क डिजिटलीकरण करेगा और निजी संग्राहकों से मिशन में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।

कश्मीर विश्वविद्यालय के फारसी विभाग में ज्ञान भारतम मिशन के विभागाध्यक्ष और क्लस्टर केंद्र प्रमुख डॉ. जहांगीर इकबाल कश्मीर के लिए नोडल अधिकारी हैं।

कार्यशाला में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के विशेषज्ञ, जिला स्तरीय समिति के अधिकारी, निजी पांडुलिपि संग्राहक और विभाग के अधिकारी भाग ले रहे हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / SONIA LALOTRA

Share this story