सभी सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालयों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने 15 फरवरी की समय सीमा तय की

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जम्मू, 12 जनवरी (हि.स.)। मुख्य सचिव अटल दुल्लू ने आज जम्मू-कश्मीर के सभी सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय सुविधाओं की उपलब्धता और कार्यक्षमता की समीक्षा की।

बैठक में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, स्कूल शिक्षा निदेशक, मुख्य अभियंता और अन्य वरिष्ठ संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा के दौरान, मुख्य सचिव ने छात्राओं के लिए पर्याप्त स्वच्छता सुविधाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के तहत निर्मित बुनियादी ढांचे का आकलन किया और इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छ और कार्यात्मक शौचालयों तक पहुंच स्कूलों में छात्राओं की उपस्थिति, स्कूल में बने रहने और सम्मान को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण कारक है।

मुख्य सचिव ने निर्मित शौचालयों की संख्या, निर्माणाधीन शौचालयों और उनकी वर्तमान कार्यक्षमता का विस्तृत आकलन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण ही पर्याप्त नहीं है और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि सभी मौजूदा शौचालय पूरी तरह से कार्यात्मक हों, जिनमें पानी की आपूर्ति और अन्य संबंधित सुविधाएं सुनिश्चित हों।

समयसीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए, मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि लड़कियों के शौचालयों के निर्माण और उन्नयन से संबंधित सभी चल रहे कार्य 15 फरवरी तक पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने विद्यालय शिक्षा विभाग को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पहले से निर्मित शौचालय निर्धारित समय सीमा से पहले हर तरह से चालू हो जाएं।

जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, मुख्य सचिव ने विद्यालय शिक्षा विभाग और सड़क एवं भवन विभाग दोनों के अधिकारियों से मिलकर क्षेत्रीय समितियों के गठन का आदेश दिया। ये समितियां विद्यालयों का संयुक्त निरीक्षण करके कमियों की पहचान करेंगी, मरम्मत और सुधार की आवश्यकताओं का आकलन करेंगी और सुविधाओं को पूर्णतः कार्यशील बनाने के लिए आवश्यक कार्यों के निष्पादन की निगरानी करेंगी।

मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छ और कार्यशील स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच एक सुरक्षित, समावेशी और बालिका-अनुकूल शिक्षण वातावरण बनाने के लिए आवश्यक है और सुविधाओं के समय पर पूरा होने और सतत रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय और निरंतर निगरानी का आह्वान किया।

बैठक के दौरान, अतिरिक्त मुख्य सचिव, पीडब्लू, श्री अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विभाग सभी सौंपे गए कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि जिन स्थानों पर निर्धारित समय सीमा के भीतर पारंपरिक निर्माण संभव नहीं है, वहां पूर्वनिर्मित शौचालय संरचनाएं स्थापित की जाएंगी ताकि निर्धारित तिथि से पहले ही सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, राम निवास शर्मा ने विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि केंद्र शासित प्रदेश के कुल 18,724 सरकारी स्कूलों में से 18,023 स्कूलों (99.25%) में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि 17,403 स्कूलों (92.29%) में लड़कियों के लिए अलग शौचालय हैं, जबकि केवल 1,321 स्कूलों (7.71%) में वर्तमान में ऐसी सुविधा नहीं है।

यह भी बताया गया कि 265 लड़कियों के शौचालयों का निर्माण कार्य वर्तमान में चल रहा है, जबकि शेष 1,056 स्कूलों में जहां छात्राओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा नहीं है, वहां समयबद्ध तरीके से यह कार्य किया जा रहा है। ये कार्य शीतकालीन सत्र वाले क्षेत्रों में शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले और ग्रीष्मकालीन सत्र वाले स्कूलों में 15 फरवरी तक केंद्र शासित प्रदेश में पूरे हो जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

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