अप्रैल में हुई बर्फबारी से जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ीं
भद्रवाह 05 मार्च (हि.स.)। खराब मौसम के कारण चिनाब घाटी के ऊंचे इलाकों में मूसलाधार बारिश और ताजा बर्फबारी हुई, जिससे तापमान में काफी गिरावट आई है। पूरे क्षेत्र में ठंड की लहर लौट आई है, लेकिन अच्छी बात यह है कि भद्रवाह घाटी के ऊंचाई वाले स्थानों पर पर्यटकों की अचानक और अप्रत्याशित भीड़ देखी जा रही है, जिससे पर्यटन उद्योग से जुड़े स्थानीय लोग काफी खुश हैं।
स्थानीय विक्रेताओं ने भद्रवाह-पठानकोट और भद्रवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़कों के किनारे ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर अपना छोटा व्यवसाय स्थापित किया है। इनका कहना है कि हाल ही में अप्रत्याशित बर्फबारी ने पर्यटन को काफी बढ़ावा दिया है। खासकर गुल्ली-डंडा' , चटरगल्ला, पादरी, खन्नी टॉप और भाल पादरी जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में। शुष्क मौसम के बाद हो रही बर्फबारी से स्लेजिंग और ट्रैकिंग जैसी गतिविधियों के लिए पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को फिर से जीवंत किया गया है और होटल बुकिंग में वृद्धि हुई है।
स्थानीय विक्रेता मोहम्मद सलीम ने कहा कि पिछले पांच दिनों से नियमित अंतराल पर हो रही बर्फबारी ने पर्यटकों को बड़ी संख्या में गुलदंडा वापस लाने के लिए उत्प्रेरक का काम किया है। दुर्लभ वसंत बर्फबारी ने भद्रवाह-पठानकोट राजमार्ग को बदल दिया है, जो समुद्र तल से क्रमशः 9,555 फीट और 10700 फीट की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलदंडा और छतरगल्ला से होकर गुजरता है। बड़ी संख्या में पर्यटक इन स्थानों पर आकर्षित होते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। बर्फ के दौरान पर्यटकों को स्लेज, स्नो बूट, जैकेट, स्नो वॉक, ग्लेशियर दर्शनीय स्थलों की यात्रा आदि के लिए हमारी सेवाओं की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। इसलिए अप्रैल की बर्फबारी हम सभी के लिए स्वागत योग्य शगुन है। आशा है कि आने वाले दिनों में और अधिक पर्यटक आएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राधा पंडिता

