नरवाल घटना पर जसरोटिया ने गंभीर चिंता व्यक्त की, कहा कानून का उल्लंघन एवं शांति भंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी

WhatsApp Channel Join Now
नरवाल घटना पर जसरोटिया ने गंभीर चिंता व्यक्त की, कहा कानून का उल्लंघन एवं शांति भंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी


कठुआ, 06 जनवरी (हि.स.)। जम्मू के नरवाल क्षेत्र से हाल ही में सामने आई घटनाएं जिनमें कथित तौर पर अवैध रोहिंग्या बसने वाले शामिल हैं गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। इससे कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, खासकर जम्मू-कश्मीर जैसे अत्यंत संवेदनशील केंद्र शासित प्रदेश के संदर्भ में।

हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जसरोटा विधायक राजीव जसरोटिया ने कहा कि निवासियों में अपनी सुरक्षा, आजीविका और सामाजिक स्थिरता को लेकर बढ़ती बेचैनी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी व्यक्ति या समूह, चाहे वह किसी भी मूल का हो, जो अवैध रूप से रह रहा हो और सार्वजनिक शांति भंग करने में शामिल पाया जाए उसके खिलाफ सख्त और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कानून के उल्लंघन को बर्दाश्त किया जाए या जानबूझकर अनदेखा किया जाए तो कोई भी समाज शांतिपूर्ण नहीं रह सकता। इस मुद्दे की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए विधायक ने कहा कि नरवाल की घटना ने एक बार फिर अनियंत्रित अवैध बस्तियों से जुड़े जोखिमों को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ लगती हैं और यहाँ सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ लंबे समय से मौजूद हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में विदेशी नागरिकों का अनाधिकृत निवास मात्र प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि एक संभावित सुरक्षा खतरा है और उन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

राजीव जसरोटिया ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह मुद्दा पूर्वाग्रह से संबंधित नहीं है बल्कि अवैधता और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित है। उन्होंने कहा कि भारत संविधान और कानून के शासन द्वारा शासित है। करुणा और मानवता हमारे मूल्यों का अभिन्न अंग हैं लेकिन इन्हें कानूनी जवाबदेही और राष्ट्रीय हित के साथ-साथ चलना चाहिए। वैध दस्तावेजों के बिना देश में रहने वाला कोई भी व्यक्ति भारतीय कानून का उल्लंघन कर रहा है और प्रशासन का यह कर्तव्य है कि वह कार्रवाई करे। विधायक ने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से नरवाल घटना की गहन जांच करने और शांति और व्यवस्था भंग करने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए एक व्यापक सत्यापन अभियान चलाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जम्मू के लोग निर्णायक और जिम्मेदार शासन की उम्मीद रखते हैं और उनकी सुरक्षा, विश्वास और व्यवस्था पर भरोसा कभी भी खतरे में नहीं पड़ना चाहिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया

Share this story