जम्मू एक था है और एक रहेगा — मनीष साहनी
जम्मू, 27 मार्च (हि.स.)।
जम्मू-कश्मीर इकाई ने पीडीपी ने प्स्ताेवित एडमिनिस्ट्रेटिव रीऑर्गेनाइजेशन बिल को जम्मू को बांटने की गहरी राजनीतिक साजिश करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है।
पार्टी के प्रदेश मध्यवर्ती कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रमुख मनीष साहनी ने कहा कि पीडीपी का प्रस्ताव कोई विकास का रोडमैप नहीं है बल्कि जम्मू को तीन टुकड़ों में बांटने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है। यह सीधे-सीधे जम्मू की एकता, अस्मिता और राजनीतिक शक्ति पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर घाटी में जनाधार कमजोर होने के बाद पीडीपी अब अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जम्मू में विभाजनकारी राजनीति कर रही है।
साहनी ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा, “जब मुफ्ती मोहम्मद सईद देश के गृहमंत्री और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे और जब 2014 में महबूबा मुफ्ती सत्ता में थीं, तब उन्हें चिनाब और पीर पंजाल के विकास की याद क्यों नहीं आई?
उन्होंने आगे कहा कि यदि वास्तव में विकास लक्ष्य होता तो सरकार बुनियादी ढांचे रोजगार, पर्यटन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के ठोस प्रस्ताव लाती न कि प्रशासनिक सीमाओं के पुनर्गठन के जरिए राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश करती।
साहनी ने उपराज्यपाल के प्रस्ताव की सिफारिश करने पर पूछा कि लोकभवन बताए कि वह जम्मू के विकास के साथ है या विभाजनकारी एजेंडे के साथ?
शिवसेना ने भाजपा विधायकों से अपील की कि वे विधानसभा में इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करें और आवश्यक हो तो वॉकआउट करें।
साहनी ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि जम्मू को बांटने की किसी भी साजिश को आगे बढ़ाया गया तो प्रदेशभर में जनआक्रोश भड़क उठेगा जिसे संभालना प्रशासन के लिए कठिन होगा। जम्मू एक था एक है और एक रहेगा। इस मौके पर विकास बख्शी संजीव कोहली, संजय भट्ट आदित्य महाजन, राजू कपूर, जसबीर सिंह मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

