पुरानी सड़कों की अनदेखी पर जम्मू प्रांत बचाओ मंच का रोष, पटनीटॉप व कालीधार मार्गों की तत्काल मरम्मत की मांग

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जम्मू, 30 जून (हि.स.)। जम्मू प्रांत बचाओ मंच (जेबीएम) ने जम्मू संभाग के ऐतिहासिक और प्रमुख सड़क मार्गों की लगातार बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है। मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि नई आधारभूत परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पुराने सड़क मार्गों की पूरी तरह उपेक्षा की जा रही है जिससे हजारों परिवारों की आजीविका और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।

शर्मा ने विशेष रूप से पटनीटॉप होकर गुजरने वाले पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग की जर्जर हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चेनानी-नाशरी (श्यामा प्रसाद मुखर्जी) सुरंग शुरू होने के बाद इस ऐतिहासिक मार्ग को लगभग प्रशासनिक रूप से छोड़ दिया गया है। कभी यह मार्ग जम्मू क्षेत्र की आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों की जीवनरेखा था लेकिन आज यह गड्ढों से भरी बदहाल सड़क में तब्दील हो चुका है। उन्होंने कहा कि पटनीटॉप, सनासर और कुद जम्मू संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण पर्यटक इस खूबसूरत मार्ग से यात्रा करने से बच रहे हैं। इसका सीधा असर स्थानीय होटल व्यवसाय, ढाबों, दुकानदारों, हस्तशिल्प कारोबारियों और अन्य छोटे व्यापारियों पर पड़ रहा है जिनकी आजीविका वर्षों से इस मार्ग पर निर्भर रही है।

जेबीएम अध्यक्ष ने राष्ट्रीय राजमार्ग-144ए के चौकी चौरा से कालीधार होते हुए गोधर तक के मार्ग की बदहाल स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कडिनी (चौकी चौरा) से रामिनी मंखिया (गोधर) तक निर्माणाधीन मेगा सुरंग परियोजना के कारण मौजूदा सड़क के रखरखाव को लगभग बंद कर दिया गया है। परिणामस्वरूप यह मार्ग गहरे गड्ढों, धूल, खतरनाक मोड़ों और सुरक्षा उपायों के अभाव के कारण यात्रियों के लिए जोखिम भरा बन गया है।

अशोक कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में नई सुरंगों और बाईपास परियोजनाओं के शुरू होते ही पुराने मार्गों को रखरखाव योजनाओं से बाहर कर दिया जाता है जबकि इन्हीं सड़कों पर सैकड़ों गांवों के लोग आज भी निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि इन मार्गों का उपयोग रोज़ाना स्कूली बच्चे, किसान, मरीज, छोटे व्यापारी, परिवहन संचालक और ग्रामीण आबादी करती है इसलिए इनकी अनदेखी लोगों के जीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा है।

जम्मू प्रांत बचाओ मंच ने उपराज्यपाल प्रशासन, नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) तथा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मंच ने पुराने पटनीटॉप राजमार्ग के व्यापक पुनर्निर्माण और चौकी चौरा-गोधर (कालीधार) सड़क की शीघ्र मरम्मत के लिए विशेष बजट जारी करने की मांग करते हुए कहा कि नई सुरंग परियोजनाओं के चालू होने से पहले इन पुराने मार्गों को सुरक्षित, सुगम और पूरी तरह यातायात योग्य बनाया जाना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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