जम्मू पुलिस ने बीते साल मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं
जम्मू, 03 जनवरी (हि.स.)। जम्मू पुलिस ने बीते साल मादक पदार्थों के खिलाफ अपनी निरंतर लड़ाई में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं।एनडीपीएस अधिनियम के तहत 204 एफआईआर दर्ज की गईं और 35 महिला तस्करों सहित 311 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल 71 वाहनों को जब्त किया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार इस साल की गई बरामदगी में 15 किलोग्राम से अधिक हेरोइन (अंतरराष्ट्रीय बाजार में 60 करोड़ रुपये मूल्य की), 78 किलोग्राम गांजा, 114 किलोग्राम अफीम का भूसा, कैप्सूल और अफीम शामिल हैं। खास बात यह है कि एनडीपीएस के 11 व्यावसायिक मामलों का पता चला, जिसके परिणामस्वरूप 38 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 11 कुख्यात मादक पदार्थों के तस्करों को सख्त पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया।
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि नशीली दवाओं के गिरोहों की वित्तीय रीढ़ को ध्वस्त करने के लिए जम्मू पुलिस ने मादक पदार्थों की आय से प्राप्त 85,70,285 रुपये मूल्य की 3 अचल संपत्तियां और 11,40,000 रुपये मूल्य की 1 चल संपत्ति (वाहन) जब्त की और जिले के भीतर 3 चिन्हित नशीली दवाओं के हॉटस्पॉट ध्वस्त किए। वर्ष 2025 में नशीली दवाओं से जुड़े 23 अवैध ढांचे ध्वस्त किए गए। वर्ष 2025 में 48 लोगों को सजा सुनाई गई। आपूर्ति श्रृंखला की जांच के परिणामस्वरूप जम्मू, पंजाब, कठुआ, उधमपुर और राजौरी में 12 एफआईआर दर्ज की गईं और 36 गिरफ्तारियां हुईं, जिसमें प्रशासनिक और वित्तीय जांच की मजबूत रणनीति अपनाई गई।
प्रवक्ता के अनुसार 2025 के दौरान एनडीपीएस अधिनियम की धारा 52-ए के तहत जब्त किए गए नशीले पदार्थों का बड़े पैमाने पर विनाश किया गया। 82 मामलों में जब्त किए गए प्रतिबंधित पदार्थों को नष्ट किया गया, जिनमें भूक्की 5293 किलोग्राम 204 ग्राम, गांजा 49 किलोग्राम 175 ग्राम, चरस 44 किलोग्राम 387 ग्राम, गांजा 4 किलोग्राम 90 ग्राम, हेरोइन 1 किलोग्राम 406 ग्राम, भूरी चीनी 1 किलोग्राम, कैप्सूल 38480 नग, कोरेक्स - 660 बोतल, टैबलेट 6020 नग थे। इस जब्त प्रतिबंधित पदार्थ का मूल्य कई करोड़ रुपये है।
इसके अलावा 2025 के दौरान पुलिस नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र छन्नी, जम्मू द्वारा जिले में 27 नशा जागरूकता कार्यक्रम, 325 पीसीपीजी बैठकें, 179 थाना दिवस, 469 सूचना एवं संचार संचार अभियान और 9 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस नशा मुक्ति, पुनर्वास एवं मानसिक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र छन्नी, जम्मू ने वर्ष के दौरान 1,667 ओपीडी मरीजों का इलाज किया और 311 मरीजों को भर्ती किया। जम्मू पुलिस ने आम जनता से नशीली दवाओं की तस्करी या दुरुपयोग से संबंधित किसी भी जानकारी को हेल्पलाइन 100 पर साझा करके नशा विरोधी अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने की अपील की है। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।------------------------
हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

