जम्मू शहर अभूतपूर्व ठंड की चपेट में,अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच केवल 3 डिग्री का अंतर

WhatsApp Channel Join Now

श्रीनगर, 15 जनवरी (हि.स.)। कश्मीर में गुरुवार को भी पहाड़ों से मैदानी इलाकों में बहने वाली ठंडी हवाओं के साथ लगातार ठंड जारी रही और जम्मू शहर भी अभूतपूर्व ठंड की चपेट में रहा। बुधवार को जम्मू में अधिकतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस था जबकि गुरुवार को न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच केवल 3 डिग्री के अंतर के साथ जम्मू शहर में अभूतपूर्व ठंड पड़ रही है जिसे दिन भर अलग-अलग तीव्रता वाले कोहरे ने और भी बदतर बना दिया है।

बुधवार को जम्मू शहर में अब तक का चौथा सबसे कम अधिकतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जनवरी 1986 में अधिकतम तापमान 5 डिग्री, 2013 में 6.7 डिग्री और 2016 में 7.1 डिग्री था। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -3.9 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में -3.2 डिग्री और पहलगाम में 5 डिग्री रहा। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री, कटरा कस्बे में 6.8 डिग्री, बटोत मे 4.9 डिग्री, बनिहाल में 1.9 डिग्री और भदरवाह में -0.1 डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञान विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि 16 जनवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर में बारिश/बर्फबारी हो सकती है जिसके बाद दो लगातार पश्चिमी विक्षोभ आएंगे। मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया, इन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से घाटी के मैदानी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी होने की संभावना है।

घाटी में अभी तक कोई भारी हिमपात नहीं हुआ है क्योंकि मैदानी इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी अभी बाकी है। लगातार सूखे के कारण जम्मू-कश्मीर में चिंता बढ़ गई है क्योंकि कृषि, बागवानी और पेयजल की जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण सभी जल निकाय, मौजूदा 40 दिनों की भीषण सर्दी (जिसे स्थानीय रूप से 'चिल्लई कलां' कहा जाता है) के दौरान भारी हिमपात पर निर्भर करते हैं। यह महत्वपूर्ण 40 दिनों की अवधि आधी से अधिक बीत चुकी है और घाटी के मैदानी इलाकों में अभी तक इस मौसम की पहली हिमपात नहीं हुई है।

चिल्लई कलां 30 जनवरी को समाप्त होती है। फरवरी और मार्च में होने वाली हिमपात का कोई खास महत्व नहीं है क्योंकि यह जल्दी पिघल जाती है और पहाड़ों में स्थित बारहमासी जल भंडारों को भरने में सहायक नहीं होती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

Share this story