भाजपा ओबीसी मोर्चा ने जम्मू में ‘मन की बात’ सुनने के लिए आयोजित किया जन कार्यक्रम

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जम्मू, 29 (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी मोर्चा, जम्मू एवं कश्मीर ने बूथ संख्या 43, वार्ड संख्या 29, मुख्य बाजार, शक्ति नगर, जम्मू में एक जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड को सामूहिक रूप से सुना गया। कार्यक्रम का नेतृत्व ब्रह्म ज्योत सत्ती, अध्यक्ष, भाजपा ओबीसी मोर्चा जम्मू-कश्मीर तथा जोरावर सिंह (राज्य प्रवक्ता प्रभारी, भाजपा) ने किया।

इस अवसर पर अरुण सेठी (जिला अध्यक्ष ओबीसी), संजय वर्मा, राजेश वर्मा (जिला महासचिव), परवीन बड्याल (जिला प्रवक्ता ओबीसी) तथा आर्यन वर्मा (बूथ अध्यक्ष) समेत वरिष्ठ भाजपा नेता एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे। इसके अलावा स्थानीय निवासी, पार्टी पदाधिकारी तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अपने साप्ताहिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड में राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण, युवा भागीदारी तथा सतत विकास पर भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा परिवर्तनों के बीच अपनी सांस्कृतिक विरासत और सतत विकास के मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है। पश्चिम एशिया में संकट के कारण ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद भारत अपने मजबूत वैश्विक संबंधों और खाड़ी देशों में रहने वाले एक करोड़ से अधिक भारतीयों के सहयोग के कारण आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

वैश्विक अस्थिरता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर घटनापूर्ण रहा है। पहले कोविड के कारण पूरी दुनिया लंबे समय तक अनेक समस्याओं से जूझती रही। हम सभी को उम्मीद थी कि कोविड संकट से उभरने के बाद दुनिया नई शुरुआत के साथ प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ेगी लेकिन विभिन्न क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थितियां लगातार बनी रहीं। वर्तमान में हमारे पड़ोस में पिछले एक महीने से भीषण युद्ध चल रहा है। लाखों परिवारों के परिजन इन देशों में रहते हैं और विशेष रूप से खाड़ी देशों में कार्य करते हैं। मैं खाड़ी देशों का आभारी हूं, जिन्होंने वहां रहने वाले एक करोड़ से अधिक भारतीयों की हर प्रकार से सहायता की।

पेट्रोल और डीजल के वैश्विक संकट की ओर संकेत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट विकसित हो रहा है। हमारे वैश्विक संबंध, विभिन्न देशों से मिलने वाला सहयोग और पिछले दशक में विकसित हमारी क्षमताएं हमें इन चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने में सक्षम बनाती हैं। उन्होंने पेट्रोल और डीजल के मुद्दे काे राजनीतिकरण से बचने की भी सलाह दी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, ईरान, फ्रांस, इज़राइल और मलेशिया सहित अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बातचीत की है। 24 मार्च की बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर उपयोगी विचार-विमर्श हुआ।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की है। एलपीजी की कमी को देखते हुए सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।

संस्कृति, युवा, खेल और सतत विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने ‘ज्ञान भारतम सर्वे’ का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से देशभर में पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। इसमें राजस्थान की ताम्र-पट्टिकाएं, ताड़-पत्र ग्रंथ और लद्दाख की तिब्बती पांडुलिपियां शामिल हैं, और यह अभियान जून मध्य तक जारी रहेगा। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बेंगलुरु के ‘प्रयोग संस्थान’ का उल्लेख किया, जहां कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को शोध के अवसर मिल रहे हैं।

कार्यक्रम के पश्चात जोरावर सिंह और ब्रह्म ज्योत सत्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा साझा किए गए संदेश प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणास्रोत हैं और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने पुनः आश्वासन दिया कि भाजपा ओबीसी मोर्चा जनकल्याण और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम का समापन आदर्शों और देशभक्ति को अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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