अधिकारियों की अनुपस्थिति के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा सदस्य एकजुट, स्पीकर ने मामला मुख्यमंत्री को भेजा
जम्मू, 1 अप्रैल(हि.स.)। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुधवार को एक दुर्लभ सर्वसम्मति देखी गई जब सभी दलों के सदस्य गैलरी से वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराज हो गए जिसके बाद स्पीकर अब्दुल रहीम राथर को इस मुद्दे को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने रखना पड़ा। प्रश्नकाल के अंत में नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक नजीर अहमद गुरेजी ने यह मुद्दा उठाया जिसका सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों ने समर्थन किया जो विरोध में अपनी सीटों से खड़े हो गए। स्पीकर ने विरोध कर रहे सदस्यों को आश्वासन दिया कि सदन ने उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया है। इस बात पर जोर दिया कि जब भी उनके विभागों से संबंधित प्रश्न उठाए जाएं तो संबंधित अधिकारियों का उपस्थित रहना अनिवार्य है। राथर ने कहा कि स्थान की कमी को देखते हुए पूरे सचिवालय का यहां उपस्थित रहना न तो उचित है और न ही संभव है।
हालांकि मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जब ऐसे प्रश्न उठाए जाएं तो संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें और वे उचित नोट्स लें और सदस्यों की चिंताओं को उनकी संतुष्टि के अनुसार संबोधित करें।
भाजपा विधायक शाम लाल शर्मा ने कहा कि अधिकारियों की अनुपस्थिति सही प्रथा नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री इस पर संज्ञान लेंगे। आपकी (स्पीकर की) ओर से भी मुख्य सचिव को एक औपचारिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए। शर्मा ने कहा कि सूचीबद्ध कार्य वाले किसी भी विभाग के प्रशासनिक सचिव को सदन में उपस्थित रहना चाहिए यदि संबंधित अधिकारी अनुपस्थित है तो कार्यवाही स्थगित कर दी जानी चाहिए या हटा दी जानी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

