मैं सेना की वजह से जिंदा हूँ: देबस्मिता राणा

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गांदरबल, 10 जुलाई (हि.स.)। गांदरबल जिले के कंगन के गंगबल झील क्षेत्र से एक ट्रैकर को सेना ने बचाया। पश्चिम बंगाल की 30 वर्शीय ट्रैकर देबस्मिता राणा ग्रेट सेवन लेक ट्रेक का प्रयास कर रही एक टीम का हिस्सा थीं। जब समूह जाजीबल गली को पार कर रहा था और ट्विन झीलों गंगबल और नुंडकोल जो कि 11,700 फीट की उंचाई से नीचे आ रहा था, तो देबस्मिता राणा को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इसके तुरंत बाद वह बेहोश हो गईं और उन्हें बेहोशी की हालत में 34 असम राइफल्स के ट्रंखल आर्मी कैंप में लाया गया। कैंप में मेडिकल ऑफिसर और उनकी टीम ने उन्हें बचाया और लगातार ऑक्सीजन की आपूर्ति की। सेना के इस कदम से उनकी जान बचाई जा सकी। देबस्मिता जो वर्तमान में कंगन ट्रॉमा सेंटर में जीवित और स्वस्थ हैं, ने मेडिकल रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में कहा मैं 34 असम राइफल्स और उनकी वीर टीम की हमेशा आभारी रहूंगी। वे सच्चे नायक हैं और मैं अपने शब्दों में उनके प्रति अपनी कृतज्ञता को पूरी तरह से व्यक्त नहीं कर सकती। उन्होंने मेरी जान बचाई और इसके लिए मैं हमेशा उनकी आभारी रहूंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / Ashwani Gupta / बलवान सिंह

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