जम्मू-कश्मीर के किसान समुदाय की दुर्दशा को उजागर किया

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जम्मू, 02 मार्च (हि.स.)।

जम्मू-कश्मीर में कृषि समुदाय की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के किसान विभाग के अध्यक्ष और सीमावर्ती किसान कल्याण संघ के अध्यक्ष भरत प्रिय ने आज खौर उपमंडल के सीमावर्ती गांव चन्नी ताना में एक जोरदार विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। सीमावर्ती किसान कल्याण संघ के बैनर तले किसानों की एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए भरत प्रिय ने कृषि समुदाय के सामने मौजूद ज्वलंत मुद्दों पर प्रकाश डाला।

विशेषकर अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोग जो सीमा पार से होने वाली गोलाबारी और गोलीबारी का बार-बार शिकार हुए हैं। भरत प्रिये ने सरकार से प्रत्येक सीमावर्ती किसान परिवार को सुरक्षित स्थानों पर कम से कम 10 मरला भूमि आवंटित करने की पुरजोर मांग की।

उन्होंने कहा कि सीमावर्ती किसान हमेशा दृढ़ और देशभक्त रहे हैं बार-बार पाकिस्तानी गोलीबारी के बावजूद उन्होंने कभी भी अपनी पुश्तैनी जमीन नहीं छोड़ी। “ये किसान रक्षा की पहली पंक्ति हैं। उन्होंने गोलियों और बमों का सामना किया है फिर भी वे अद्वितीय साहस के साथ अपने खेतों में खेती करना जारी रखते हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षित क्षेत्रों में छोटे आवासीय भूखंड उपलब्ध कराने से तनावपूर्ण स्थितियों के दौरान परिवारों को सुरक्षा मिलेगी और साथ ही उन्हें अपने पैतृक गांवों में कृषि गतिविधियां जारी रखने की अनुमति भी मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

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