जम्मू डिवीजन में भारी बारिश होने की आशंका जबकि घाटी में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं

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श्रीनगर, 30 जुलाई (हि.स.)। मौसम विभाग के निदेशक मुख्तार अहमद ने गुरुवार को बताया कि कश्मीर घाटी में आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना नहीं है हालांकि रुक-रुक कर हल्की बारिश और बौछारें जारी रहेंगी। वहीं जम्मू डिवीजन में भारी बारिश होने की आशंका है जिससे अचानक बाढ़, भूस्खलन और कीचड़ वाले भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।

अहमद ने कहा कि घाटी में मौसम की स्थिति काफी हद तक स्थिर रहेगी जबकि जम्मू में बारिश अधिक होगी। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर कश्मीर घाटी में मौसम में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर रुक-रुक कर हल्की बारिश और बौछारें पड़ेंगी। आसमान न तो पूरी तरह साफ रहेगा और न ही लगातार बारिश होगी। ये स्थितियां लगभग 5 अगस्त तक बनी रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि गुरुवार को व्यापक बारिश होने की संभावना है जिसमें घाटी और जम्मू के विभिन्न जिलों में बौछारें पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि आज व्यापक वर्षा होगी खासकर घाटी और जम्मू डिवीजन के विभिन्न जिलों में। अधिकांश स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।

मौसम विज्ञान निदेशक के अनुसार जम्मू डिवीजन में शुक्रवार तड़के भारी बारिश हो सकती है और 2-3 अगस्त तथा 3-4 अगस्त के बीच भी बारिश की संभावना है। उन्होंने कहा कि जम्मू डिवीजन में भारी वर्षा की आशंका है खासकर देर रात और सुबह के समय। उन्होंने कहा कि इससे भूस्खलन, कीचड़ का खिसकना और पत्थर गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि छिटपुट बारिश से संवेदनशील क्षेत्रों में अचानक बाढ़ भी आ सकती है। किसानों को सलाह देते हुए अहमद ने कहा कि नियमित कृषि गतिविधियों को रोकने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान छिड़काव, खेत तैयार करने और खाद डालने सहित अपना नियमित काम जारी रख सकते हैं। उन्होंने यात्रियों और परिवहनकर्ताओं से विशेष रूप से जम्मू क्षेत्र में सावधानी बरतने का आग्रह किया। अहमद ने कहा कि यात्रियों, यात्रियों, पर्यटकों और परिवहनकर्ताओं को मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि चिनाब घाटी, पीर पंजाल क्षेत्र और श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को भूस्खलन और कीचड़ के खिसकने की संभावना के प्रति सतर्क रहना चाहिए और प्रशासन और यातायात अधिकारियों द्वारा जारी सलाह का पालन करना चाहिए।

तापमान के बारे में अहमद ने कहा कि अगले दो हफ्तों में दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है जिसके बाद अगस्त के अंत में इसमें गिरावट शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पैटर्न लगभग 20 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद तापमान धीरे-धीरे कम होगा जो शरद ऋतु की शुरुआत का संकेत होगा। उन्होंने कहा कि शरद ऋतु जिसके 20 अगस्त के बाद धीरे-धीरे शुरू होने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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