संतुलित मीडिया नीति की आवश्यकता पर जोर, हर्ष देव ने विधानसभा में केवल विज्ञापन दरों की बजाय आचार संहिता पर गंभीर बहस पर दिया जोर

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जम्मू, 21 फ़रवरी (हि.स.)। हाल ही में विधानसभा में कुछ विधायकों द्वारा चुनिंदा समाचार पत्रों के लिए विज्ञापन दरें बढ़ाने की मांग और कथित असमानताओं के मुद्दे उठाए जाने पर हर्ष देव सिंह ने कहा कि पत्रकारिता, सूचना प्रसार और मीडिया के बढ़ते विस्तार को ध्यान में रखते हुए एक समग्र और संतुलित मीडिया नीति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सूचना विभाग की भूमिका केवल प्रेस नोट जारी करने और विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए दरें तय करने तक सीमित नहीं है बल्कि उसे व्यापक दृष्टिकोण के साथ मीडिया के सभी पहलुओं पर काम करना चाहिए। सिंह के अनुसार विधानसभा में चर्चा का केंद्र केवल भुगतान या दर वृद्धि न होकर मीडिया की जवाबदेही और नैतिक मानकों पर होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार के इस दौर में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जिम्मेदारी है कि वे तथ्यों की सत्यता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करें। निष्पक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध मीडिया संस्थानों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, न कि पीत पत्रकारिता को बढ़ावा देने वालों को। हर्ष देव सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संस्थान सनसनीखेज, भ्रामक और पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग के जरिए विशेष हितों को साधने का प्रयास करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पहले पत्रकारिता के सिद्धांतों, सत्यता, निष्पक्षता, स्वतंत्रता और सार्वजनिक जवाबदेही, का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, उसके बाद ही दर वृद्धि जैसे मुद्दों पर विचार होना चाहिए। उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि राष्ट्रीय प्रेस आचार संहिता के प्रावधानों का सख्ती से पालन ही लोकतंत्र को मजबूत बना सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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