डोडा की 12 वर्षीय बच्ची की मौत मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

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-गुर्जर बक्करवाल वेलफेयर फाउंडेशन ने ऑनलाइन बैठक में जताई चिंता-पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग

जम्मू, 22 अगस्त (हि.स.)। ट्राइबल गुर्जर बक्करवाल वेलफेयर फाउंडेशन ने शनिवार को ऑनलाइन बैठक कर डोडा जिले के छतरू इलाके की गुर्जर समुदाय की 12 वर्षीय बच्ची के कथित यौन शोषण, गर्भवती होने और मौत के मामले पर गहरी चिंता जताई। फाउंडेशन ने मामले की निष्पक्ष, त्वरित और गहन जांच कराने के साथ दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की।

फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बच्ची के स्कूल शिक्षक खालिद हुसैन पर लंबे समय तक उसके कथित यौन शोषण का आरोप है। आरोप है कि इसके चलते बच्ची गर्भवती हुई। यह भी आरोप लगाया गया है कि खालिद हुसैन और उसके भाई तारिक हुसैन की कथित मिलीभगत से बच्ची को गर्भपात की दवा दी गई, जिसके बाद बच्ची और नवजात की मौत हो गई। हालांकि, फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि इन आरोपों की जांच की जानी बाकी है और तथ्यों की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा की जानी है।

संगठन ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानून के अनुसार जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। फाउंडेशन ने उन मीडिया रिपोर्टों पर भी चिंता जताई, जिनमें आरोपितों के प्रभावशाली परिवारों से जुड़े होने तथा मृत बच्ची के आर्थिक रूप से कमजोर खानाबदोश परिवार पर कथित दबाव बनाने या मामले को प्रभावित करने के प्रयासों की बात कही गई है।

फाउंडेशन ने पुलिस और सिविल प्रशासन से पीड़ित परिवार तथा मामले से जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। सदस्यों ने कहा कि सामाजिक या राजनीतिक प्रभाव रखने वाले किसी भी व्यक्ति को जांच में हस्तक्षेप करने, गवाहों को डराने-धमकाने अथवा न्याय की प्रक्रिया में बाधा डालने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

सदस्यों ने कहा कि मामले में शिक्षक की भूमिका से जुड़े आरोप विशेष रूप से गंभीर हैं। शिक्षक बच्चों की सुरक्षा, मार्गदर्शन और विश्वास की जिम्मेदारी निभाता है। ऐसे भरोसेमंद पद पर रहते हुए किसी बच्चे के कथित यौन शोषण का आरोप गंभीर विश्वासघात है। फाउंडेशन ने मांग की कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए और आरोप सिद्ध होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

फाउंडेशन ने यह भी कहा कि कमजोर और खानाबदोश परिवारों से आने वाले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी प्रकार के सामाजिक, आर्थिक या राजनीतिक दबाव के कारण जांच प्रभावित न हो।

उल्लेखनीय है कि ट्राइबल गुर्जर बक्करवाल वेलफेयर फाउंडेशन गुर्जर-बक्करवाल समुदाय की भलाई और तरक्की के साथ-साथ उनकी संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए काम करने वाला संगठन है।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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