एसकेयूएएसटी उरी में जैतून की खेती की संभावनाओं का आकलन करेगा: सरकार
श्रीनगर, 25 सितंबर (हि.स.)।
सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा को बताया कि वह बारामूला जिले के उरी में बड़े पैमाने पर कमर्शियल खेती - खासकर जैतून और अन्य उपयुक्त गैर-फलदार प्रजातियों की खेती की संभावनाओं का आकलन करने के लिए फील्ड रिसर्च और व्यवहार्यता अध्ययन करने की योजना बना रही है। यह जानकारी कृषि उत्पादन विभाग ने उरी के विधायक सज्जाद शफी द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी।
सरकार ने कहा कि यह अध्ययन शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चरल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी (एसकेयूएएसटी) कश्मीर के माध्यम से किया जाएगा। इस कवायद का मकसद उरी में बड़े पैमाने पर कमर्शियल खेती की व्यवहार्यता का मूल्यांकन करना है जिसमें इलाके में पारंपरिक कृषि और बागवानी के सीमित अवसरों को ध्यान में रखा जाएगा।
सरकार ने कहा कि अध्ययन में जहां भी उपयुक्त पाया जाएगा वहां प्रदर्शन खेती, नर्सरी विकास और वैल्यू-चेन के अवसरों की संभावनाओं की भी जांच की जाएगी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि अध्ययन के नतीजे कमर्शियल रूप से व्यवहार्य खेती के मॉडल की पहचान करने और इस क्षेत्र में भविष्य के कदमों के लिए मार्गदर्शन करने में मदद करेंगे। सरकार ने आगे कहा कि अध्ययन के नतीजों के आधार पर संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ परामर्श करके पायलट प्लांटेशन और व्यवहार्य मॉडलों को बाद में बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए एक कार्य योजना पर विचार किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

