जम्मू-कश्मीर में आरबीआई के एकीकृत ऋण इंटरफेस के साथ डेटाबेस के एकीकरण के लिए सरकार ने समिति का किया गठन

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जम्मू, 16 अप्रैल (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के डेटा, डिजिटल भूमि अभिलेखों और फसल सर्वेक्षण डेटाबेस को भारतीय रिजर्व बैंक के एकीकृत ऋण इंटरफेस (यूएलआई) के साथ एकीकृत करने के लिए एक समिति के गठन का आदेश दिया है।

सरकारी आदेश संख्या 785-जेके (जीएडी) 2026 के अनुसार समिति का गठन जम्मू-कश्मीर के सिविल सचिवालय में सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन किया गया है। आदेश के अनुसार वित्त विभाग के वित्तीय आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव) समिति के अध्यक्ष होंगे जबकि राजस्व विभाग के प्रशासनिक सचिव और वित्त विभाग के सरकार के विशेष सचिव को सदस्य नियुक्त किया गया है। जम्मू-कश्मीर बैंक के एक प्रतिनिधि को भी समिति के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

समिति के कार्यक्षेत्र में डिजिटल भूमि अभिलेखों, डिजिटल फसल सर्वेक्षण डेटा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के डेटा को आरबीआई के यूएलआई ढांचे के साथ एकीकृत करना शामिल है जिसमें लाभार्थियों जिनमें किसान और भूस्वामी शामिल हैं को ऋण का निर्बाध और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए डेटासेट की पहचान और मानकीकरण भी शामिल है।

समिति को डेटा की अखंडता और प्रमाणीकरण के लिए उचित सुरक्षा उपायों के साथ एक सुरक्षित डेटा-साझाकरण ढांचा तैयार करने का भी कार्य सौंपा गया है, साथ ही लाभार्थियों को यूएलआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के तहत ऋण प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए एक उपयोगकर्ता-अनुकूल मोबाइल एप्लिकेशन के विकास की निगरानी करना भी शामिल है। यह जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में एकीकृत ऋण इंटरफेस के कार्यान्वयन की निगरानी और सुविधा प्रदान करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / बलवान सिंह

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