राज्यसभा में गुलाम अली खटाना ने पीएमजीएसवाई सड़कों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
जम्मू, 13 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के मनोनीत सांसद गुलाम अली खटाना ने शुक्रवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जम्मू-कश्मीर में बनाए गए ग्रामीण सड़कों के निर्माण में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने शून्यकाल के दौरान कहा कि कई सड़कों की हालत निर्माण के कुछ ही समय बाद खराब हो गई है जिससे कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खटाना ने बताया कि पीएमजीएसवाई योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को हर मौसम में सड़क संपर्क प्रदान करना है। संसद में फरवरी 2026 में दी गई जानकारी के अनुसार पिछले दस वर्षों में जम्मू-कश्मीर को इस योजना के तहत 10,155 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्राप्त हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई सड़कों पर थोड़े समय में ही गड्ढे, दरारें और सतह क्षति दिखाई देने लगी है। साथ ही कई स्थानों पर साइनबोर्ड, उचित ग्रेडिंग मानकों और समय पर मरम्मत की व्यवस्था का अभाव है जबकि रखरखाव अक्सर कागजों तक ही सीमित रहता है। सांसद ने यह भी कहा कि अक्टूबर 2024 में उमर अब्दुल्ला के मुख्यमंत्री बनने के बाद सड़क परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कथित रूप से पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उनके अनुसार विकास कार्य मुख्य रूप से सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्रों में केंद्रित हैं जबकि दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों की अनदेखी की जा रही है।
खटाना ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदारों, इंजीनियरों और राजनेताओं के बीच गठजोड़ बन रहा है जिसके कारण संदिग्ध रिकॉर्ड वाले ठेकेदारों को बार-बार परियोजनाएं दी जा रही हैं और इससे कार्य में देरी, निम्न गुणवत्ता और लागत में वृद्धि हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जम्मू-कश्मीर में पीएमजीएसवाई सड़कों का व्यापक ऑडिट और थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच कराई जाए, घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए तथा क्षतिग्रस्त और बर्फ प्रभावित सड़कों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही ऐसे मामलों में वैकल्पिक ठेकेदार नियुक्त करने के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

