गांधी ग्लोबल फैमिली ने प्रदान किए ‘इकबाल मीर मेमोरियल अवॉर्ड’, समाजसेवा और शिक्षा से जुड़ी हस्तियां हुईं सम्मानित
जम्मू, 30 जून (हि.स.)। गांधी ग्लोबल फैमिली जम्मू-कश्मीर ने केयर फाउंडेशन श्रीनगर के सहयोग से टैगोर हॉल में आयोजित एक समारोह में ‘इकबाल मीर मेमोरियल अवॉर्ड’ प्रदान किए। इस अवसर पर समाजसेवा, शिक्षा, साहित्य, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभिन्न हस्तियों को सम्मानित किया गया। स्वर्गीय मोहम्मद इकबाल मीर ने जम्मू-कश्मीर सरकार में प्रोटोकॉल अधिकारी, संयुक्त निदेशक हॉस्पिटैलिटी एवं प्रोटोकॉल तथा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) श्रीनगर सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी थीं। वर्ष 1990 के दशक में आतंकवाद के कठिन दौर के दौरान उन्होंने गांधीवादी नेता डॉ. निर्मला देशपांडे के नेतृत्व में चलाए गए राष्ट्रीय शांति अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे शांति, सांप्रदायिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए आजीवन समर्पित रहे।
उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से गांधी ग्लोबल फैमिली जम्मू-कश्मीर ने वर्ष 2010 में ‘इकबाल मीर मेमोरियल अवॉर्ड’ की शुरुआत की थी। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2019 से 2024 तक के छह वर्षों के पुरस्कार इस बार एक साथ प्रदान किए गए। समारोह के मुख्य अतिथि जम्मू-कश्मीर सरकार के संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव बी.एम. शर्मा ने पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांधी ग्लोबल फैमिली जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. वर्मा ने की। समारोह में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, पुरस्कार विजेता और नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि बी.एम. शर्मा ने अपने संबोधन में स्वर्गीय इकबाल मीर को प्रशासनिक दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का अद्भुत संगम बताते हुए कहा कि उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी समाज को जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि सच्चा प्रशासन वही है जो जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। वहीं किरण वातल ने कहा कि इकबाल मीर ने कश्मीर के कठिन दौर में भी गांधीवादी आदर्शों को जीवंत रखा और युवाओं को संघर्ष के बजाय करुणा और सेवा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। केयर फाउंडेशन श्रीनगर की अध्यक्ष डॉ. मेहजाबीन नबी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इकबाल मीर का निस्वार्थ जीवन समाजसेवियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

