पूर्व मंत्री का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार, अंतरराष्ट्रीय वार्ता विफल होने पर बोले : शांति का ढोंग, साख शून्य

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पूर्व मंत्री का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार, अंतरराष्ट्रीय वार्ता विफल होने पर बोले : शांति का ढोंग, साख शून्य


जम्मू, 13 अप्रैल (हि.स.)। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई उच्चस्तरीय वार्ता के विफल होने के बाद पाकिस्तान पर तीखा और व्यंग्यात्मक हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की “दोहरी सोच” को उजागर कर दिया है। बाली भगत ने पाकिस्तान के खुद को वैश्विक मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत करने के प्रयासों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह “नोबेल पुरस्कार का सपना देखने वाले पोस्टमैन” की तरह व्यवहार करता है जो कागजों पर शांति का संदेश तो देता है लेकिन व्यवहार में विश्वसनीयता कायम करने में विफल रहता है।

उन्होंने पाकिस्तान की तथाकथित “कारपेट वाली डिप्लोमेसी” पर भी तंज कसते हुए आरोप लगाया कि वह बाहर से खुद को सुसंस्कृत दिखाने की कोशिश करता है जबकि अंदरूनी स्तर पर अस्थिरता, अविश्वास और आतंक से जुड़े मुद्दे उसकी छवि को लगातार नुकसान पहुंचाते हैं। विफल वार्ता का जिक्र करते हुए भगत ने कहा कि लंबी बातचीत के बावजूद “न कोई सफलता, न कोई प्रगति और न ही विश्वसनीयता में बढ़ोतरी” देखने को मिली। उनके अनुसार, यह अब एक सामान्य पैटर्न बन चुका है जब भी पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का खुद को शांति का सेतु बताना अब “वैश्विक मजाक” बन चुका है और कोई भी गंभीर देश ऐसे मंच पर भरोसा नहीं कर सकता जिसकी अपनी साख कमजोर हो। भारत के रुख को दोहराते हुए बाली भगत ने स्पष्ट किया कि “बातचीत और आतंक साथ-साथ नहीं चल सकते” और भारत हर उस प्रयास का विरोध करता रहेगा जो सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश करेगा। उन्होंने अंत में कहा कि पाकिस्तान की वैश्विक मध्यस्थ बनने की कोशिश एक बार फिर असफल साबित हुई है जिससे वह “प्रचार और वास्तविकता के बीच फंसा हुआ” नजर आ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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