अशोक गहलोत के बयान पर पूर्व मंत्री का पलटवार, कांग्रेस पर लगाया तानाशाही सोच का आरोप

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अशोक गहलोत के बयान पर पूर्व मंत्री का पलटवार, कांग्रेस पर लगाया तानाशाही सोच का आरोप


जम्मू, 17 जून (हि.स.)। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री बाली भगत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो भाजपा पर प्रतिबंध लगा देतीं। बाली भगत ने इस टिप्पणी को चौंकाने वाली, तानाशाही प्रवृत्ति वाली और लोकतंत्र विरोधी बताते हुए कहा कि इससे कांग्रेस की आपातकालीन मानसिकता एक बार फिर उजागर हो गई है।

एक बयान जारी कर बाली भगत ने कहा कि अशोक गहलोत की यह टिप्पणी केवल भाजपा पर हमला नहीं है बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मूल भावना पर भी सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया था मीडिया पर सेंसरशिप लगाई गई थी और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया था। गहलोत का बयान उसी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल को प्रतिबंधित करने की बात केवल वही पार्टी कर सकती है जिसकी सोच लोकतांत्रिक नहीं बल्कि तानाशाही हो। कांग्रेस ने आपातकाल से कोई सबक नहीं सीखा है और आज भी राजनीतिक विरोधियों को लोकतांत्रिक तरीके से पराजित करने के बजाय उन्हें दबाने की मानसिकता रखती है।

बाली भगत ने कांग्रेस नेतृत्व से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या वह अशोक गहलोत के बयान का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में लोकतंत्र में विश्वास रखती है तो उसे इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

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