शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति, तबादलों और कार्यभार मुक्ति आदेशों के लिए पांच लोगों पर मामला दर्ज

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श्रीनगर, 02 सितंबर (हि.स.)।जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बडगाम की माननीय अदालत में एफआईआर संख्या 36/2021 के तहत धारा 420, 467, 468, 471, 201 और 120-बी आरपीसी के तहत पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है।

आरोपियों की पहचान निसार अहमद भट पुत्र गुलाम हुसैन भट निवासी इकबाल कॉलोनी, त्राल पुलवामा, शाकिर गुल पुत्र शेख गुल मोहम्मद निवासी कछदूरा, शोपियां, मोहम्मद अयाज़ राथर पुत्र अब्दुल रहमान राथर निवासी ताकिपोरा पोस्ट ऑफिस रत्नीपोरा, शोपियां, शेख रुहैल अहमद पुत्र शेख शफीक अहमद निवासी कछदूरा, शोपियां, तनवीर अहमद राथर पुत्र अब्दुल रहमान राथर निवासी खुदपोरा मोवगाम, अनंतनाग के रूप में हुई है।

यह मामला कश्मीर के विद्यालय शिक्षा निदेशक से प्राप्त एक सूचना से उत्पन्न हुआ जिसमें यह खुलासा हुआ कि तीन व्यक्तियों ने कथित स्थानांतरण/समायोजन आदेशों के आधार पर नागम जोन चरार-ए-शरीफ जिला बडगाम में शिक्षक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। तदनुसार एक जांच का आदेश दिया गया और जांच के दौरान यह पता चला कि उक्त आदेशों पर जाली हस्ताक्षर, आदेश संख्या और प्रेषण/अनुमोदन संख्याएँ थीं। इसके अलावा नागम के ज़ेडईओ और बडगाम के सीईओ से प्राप्त रिकॉर्ड से पुष्टि हुई कि मोहम्मद अयाज़ राथर, शेख रुहैल अहमद और तनवीर अहमद राथर का तबादला/समायोजन संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर किया गया था।

निदेशालय से सत्यापन करने पर यह भी पता चला कि 31.12.2019 को उनकी ऑर्डर बुक बंद कर दी गई थी जिससे आदेश और अनुमोदन संख्याएँ फर्जी साबित हुईं।

जांच के दौरान यह पाया गया कि इन तीनों आरोपियों को शिक्षा विभाग में कहीं भी नियुक्त नहीं किया गया था। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी निसार अहमद भट (शिक्षक) और शाकिर गुल ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई जबकि निसार अहमद भट ने जाली आधिकारिक दस्तावेजों के निर्माण और छपाई के लिए साधन और मशीनरी की व्यवस्था की। आरोप सिद्ध पाए गए और तदनुसार न्यायिक निर्णय के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुमन लता

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