इंडो-यूएस ट्रेड डील के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
जम्मू, 23 जून (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) किसान कांग्रेस के अध्यक्ष भारत प्रिय के नेतृत्व में किसानों, बागवानों और कृषि श्रमिकों ने प्रस्तावित इंडो-यूएस ट्रेड डील का विरोध करते हुए तहसीलदार रामगढ़ के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भारतीय किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। तहसील कार्यालय रामगढ़ में सौंपे गए ज्ञापन के दौरान जिला सांबा किसान कांग्रेस अध्यक्ष दर्शन लाल, सुमनदीप, तीर्थ राम भगत, करण सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने आशंका जताई कि प्रस्तावित व्यापार समझौते के तहत अमेरिका से सब्सिडी प्राप्त कृषि उत्पादों का बड़े पैमाने पर आयात भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है जिससे घरेलू बाजार में भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।
ज्ञापन में कहा गया कि किसान पहले ही बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता, कर्ज और बाजार में मूल्य अस्थिरता जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में विदेशी उत्पादों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर सकती है। किसान नेताओं ने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि सेब, नाशपाती, अखरोट, बादाम और चेरी उत्पादकों को आयातित फलों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है जिससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।
ज्ञापन में एमएसपी की सुरक्षा, कृषि उत्पादों पर उचित शुल्क एवं एंटी-डंपिंग उपाय लागू करने, कृषि एवं बागवानी क्षेत्र को संरक्षण देने तथा किसी भी व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों और विशेषज्ञों से व्यापक परामर्श करने की मांग की गई। नेताओं ने कहा कि किसानों के हितों की कीमत पर कोई भी व्यापार समझौता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

