सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू में शोध पद्धति पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित

WhatsApp Channel Join Now
सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू में शोध पद्धति पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित


जम्मू, 10 जुलाई (हि.स.)। सेंट्रल यूनिवर्सिटी जम्मू के शिक्षा अध्ययन विभाग द्वारा शिक्षा शास्त्रार्थ फोरम के अंतर्गत रिसर्च में वेरिएबल्स को समझना विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कुलपति प्रो. संजीव जैन के संरक्षण में आयोजित हुआ जिसमें विभाग के संकाय सदस्यों और बड़ी संख्या में शोधार्थियों ने भाग लिया।

व्याख्यान का उद्देश्य शोध पद्धति की समझ को मजबूत करना तथा अकादमिक शोध की गुणवत्ता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत नागालैंड विश्वविद्यालय के शिक्षक शिक्षा विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सीमा रानी थप्पा के स्वागत से हुई। विभागाध्यक्ष प्रो. असित के. मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय शोध के लिए शोध पद्धति की गहन समझ आवश्यक है। उन्होंने बताया कि शोध में विभिन्न प्रकार के वेरिएबल्स की सही पहचान और उनका उचित उपयोग प्रभावी शोध डिज़ाइन की आधारशिला है। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा शास्त्रार्थ फोरम के वर्तमान सत्र का यह पहला शैक्षणिक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य शोध एवं बौद्धिक विमर्श को प्रोत्साहित करना है।

अपने व्याख्यान में डॉ. थप्पा ने शैक्षिक एवं सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में वेरिएबल्स की अवधारणा, उनकी विशेषताओं तथा महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्वतंत्र, आश्रित, मॉडरेटर, मेडिएटर, कंट्रोल तथा एक्स्ट्रेनियस वेरिएबल्स सहित विभिन्न प्रकार के वेरिएबल्स की व्याख्या करते हुए बताया कि इनकी सही पहचान और संचालन से शोध की वैधता, विश्वसनीयता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है। उन्होंने शोध के उद्देश्यों के अनुरूप वेरिएबल्स के चयन, परिकल्पना निर्माण तथा शोध के दौरान होने वाली सामान्य पद्धतिगत त्रुटियों से बचने के उपाय भी साझा किए। व्याख्यान के बाद आयोजित संवादात्मक सत्र में शोधार्थियों ने गुणात्मक, मात्रात्मक एवं मिश्रित शोध, परिचालनात्मक परिभाषाओं, अवधारणात्मक ढांचे और शोध डिज़ाइन से जुड़े प्रश्न पूछे। डॉ. थप्पा ने सभी प्रश्नों का व्यावहारिक उदाहरणों के साथ विस्तारपूर्वक उत्तर दिया जिससे प्रतिभागियों को शोध संबंधी कई महत्वपूर्ण पहलुओं की स्पष्ट समझ मिली।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विभाग ने विशेषज्ञ वक्ता, संकाय सदस्यों, शोधार्थियों तथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। विभाग ने कहा कि शिक्षा शास्त्रार्थ फोरम के माध्यम से भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति और अकादमिक उत्कृष्टता को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा

Share this story