विद्युत शवदाह मशीन मंजूर नही इससे सनातनी आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाज प्रभावित होंगे : शिवसेना

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जम्मू, 18 जनवरी (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर इकाई प्रमुख मनीश साहनी ने कहा कि आधुनिकता व प्रदूषण की आड़ में हिंदुओं के अंतिम संस्कार की पारंपरिक रीति-रिविद्युत शवदाह मशीन मंजूर नही इससे सनातनी आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाजवाजों व‌ सनातन आस्था को तहस-नहस होंगे। उन्होंने हिंदुओं से इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

पार्टी प्रदेश मध्यवर्ती कार्यालय में आयोजित आज एक पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रमुख मनीश साहनी ने कहा कि हिंदुओं की पारंपरिक रीति-रिवाजों पर ही आधुनिकता व प्रदूषण का हंटर चलाया जाता है। दीपावली पर पटाखों से प्रदूषण व होली पर पानी का रोना रोया जाता है। प्रदूषण व आधुनिकता की आड़ लेकर, इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन लगा, अंतिम संस्कार की पारंपरिक प्रक्रिया को भी खत्म किया जा रहा है।

साहनी ने कहा कि जम्मू शहर के जोगी गेट शमशान घाट में एक नई इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन (इलेक्ट्रिक क्रीमेशन मशीन) लगाने का जमकर ढिंढोरा पीटा जा रहा है। उनहोंने याद दिलाया कि दिसंबर 1994 में भी जोगी गेट श्मशान घाट में इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन लगाई गई थी जिसे लोगों ने नकार दिया था और 15 सालों तक खराब पड़ी धूल फांकती रही।

एक बार फिर सनातन आस्था व पारंपरिक रीति-रिवाजों को तहस नहस करने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि लगभग हर जगह इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन को लोगों ने नमंजूर किया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता

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